मुंबई : सुनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ मैच में मुंबई इंडियंस के साथ वह हुआ जो आईपीएल इतिहास में पहले कभी नहीं देखा गया था। वानखेड़े स्टेडियम में 200 से ज्यादा रन बनाने के बावजूद टीम को हार का सामना करना पड़ा। यह मुंबई के लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं था। अगर स्कोर कम होता तो जिम्मेदारी बल्लेबाजों पर आती लेकिन यहां स्कोरबोर्ड पर 243 रन जैसे विशाल लक्ष्य के बावजूद जीत नहीं मिली। इससे साफ हो जाता है कि टीम कहां टूट गई-गेंदबाज अपनी जिम्मेदारी निभाने में नाकाम रहे और मैच को संभाल नहीं पाए।
इस हार के केंद्र में सबसे ज्यादा चर्चा में हैं जसप्रीत बुमराह। टीम के सबसे भरोसेमंद और अनुभवी गेंदबाज इस मैच में पूरी तरह फीके नजर आए। उनकी गेंदबाजी में न दबाव बना और न ही कोई महत्वपूर्ण विकेट मिला। अंत में उनकी असफल गेंदबाजी ने मुंबई की हार को और भी गहरा कर दिया।
बुमराह की निष्प्रभावी गेंदबाजी
सुनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ 4 ओवर गेंदबाजी करने वाले मुंबई के गेंदबाजों में जसप्रीत बुमराह ने सबसे ज्यादा रन दिए। उन्होंने 4 ओवर में 13.50 की इकॉनमी रेट से 54 रन खर्च किए लेकिन एक भी विकेट हासिल नहीं कर सके। 2026 के आईपीएल सीजन में शुरुआत से ही उनकी विकेट लेने की क्षमता लगभग खत्म सी हो गई है। अब तक मुंबई के लिए 8 मैच खेलकर वह सिर्फ 2 विकेट ही ले पाए हैं। इस मैच से पहले भी अन्य टीमों के खिलाफ वह लगातार विकेट लेने में संघर्ष करते रहे।
आईपीएल करियर का तीसरा सबसे महंगा स्पेल
एक समय था जब आईपीएल में पावरप्ले और डेथ ओवर्स में जसप्रीत बुमराह का दबदबा साफ नजर आता था। उनकी हर गेंद पर विकेट की संभावना बनती थी। लेकिन 2026 में तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है। अब वह बल्लेबाजों को डराने के बजाय खुद मार खा रहे हैं। सुनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ उनका यह स्पेल उनके आईपीएल करियर का तीसरा सबसे महंगा स्पेल साबित हुआ। इससे पहले 2015 में दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ उन्होंने 4 ओवर में 55 रन और 2021 में चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ 4 ओवर में 56 रन दिए थे।
मुंबई की हार में क्यों बने बुमराह ‘विलेन’?
टी20 करियर में उनका सबसे महंगा स्पेल भी इसी साल आया जब उन्होंने तिरुवनंतपुरम में न्यूजीलैंड के खिलाफ 58 रन खर्च किए थे बिना कोई विकेट लिए। वानखेड़े मैदान पर इससे पहले उनका सबसे खराब प्रदर्शन 2026 आईपीएल में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के खिलाफ था जहां उन्होंने 4 ओवर में 52 रन दिए थे।
अब सुनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ इस सीजन में उन्होंने उस रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया और 54 रन दे डाले। टीम के प्रमुख गेंदबाज की यह नाकामी ही अंत में 243 रन जैसे बड़े स्कोर को बचाना मुंबई इंडियंस के लिए असंभव बना गई।