बेंगलुरु : बेंगलुरु में भीषण आंधी, तूफ़ान और ओलावृष्टि ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया। भीषण गर्मी के बीच शहर का तापमान जहां 37 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था वहीं बुधवार की शाम अचानक आए तेज़ तूफ़ान और ओलावृष्टि के कारण तापमान में एक झटके में 10 डिग्री से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। हालांकि इस राहत के साथ आई प्राकृतिक आपदा ने शहर को अस्त-व्यस्त कर दिया।
बुधवार को हुई भारी बारिश के कारण एक अस्पताल की दीवार ढह गई, जिससे एक बच्चे सहित सात लोगों की मृत्यु हो गई। इसके अतिरिक्त आकाशीय बिजली गिरने और अन्य वर्षाजनित घटनाओं के चलते तीन और लोगों की जान चली गई। इस प्रकार गुरुवार तक मृतकों की संख्या बढ़कर 10 हो गई। इनमें दो लोगों की मृत्यु बिजली गिरने से और एक की निर्माणाधीन ढांचे के गिरने से हुई।
शहर की सड़कों की स्थिति बेहद खराब हो गई है। पहले से ही यातायात जाम से जूझ रहे बेंगलुरु में भारी बारिश के बाद हालात और बिगड़ गए हैं। कहीं घुटनों तक तो कहीं कमर तक पानी भर गया है जिससे आम नागरिकों, दफ्तर जाने वाले लोगों और राहगीरों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
इसी बीच शहर के प्रसिद्ध ‘चर्च स्ट्रीट’ स्थित एक लोकप्रिय पुस्तकालय में बारिश का पानी घुसने से 5,000 से अधिक पुस्तकें खराब हो गईं। अनुमान है कि लगभग 14 लाख रुपये मूल्य की पुस्तकों को नुकसान पहुंचा है।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रही तस्वीरों और वीडियो में देखा जा सकता है कि ओलावृष्टि के कारण सड़कों पर बर्फबारी जैसा दृश्य बन गया है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बारिश शुरू होने के मात्र दो घंटे के भीतर ही शहर के कई इलाकों में भयावह स्थिति उत्पन्न हो गई।