नई दिल्ली : अर्जुन केजरीवाल के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी (आप) ने अपने सात सांसदों के कथित रूप से भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने के मुद्दे को लेकर राजनीतिक विवाद तेज कर दिया है। पार्टी का आरोप है कि यह पूरा घटनाक्रम “अनैतिक और अवैध” है। इस मुद्दे को लेकर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने घोषणा की है कि वह 5 मई को दोपहर 12 बजे दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन जाकर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात करेंगे और पूरे मामले की जानकारी उन्हें देंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि वह इस बैठक में पंजाब और जनता का पक्ष मजबूती से रखेंगे और इसके बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी।
उन्होंने यह भी बताया कि राष्ट्रपति भवन से उन्हें 5 अप्रैल को दोपहर 12 बजे का समय मिला है जिसके लिए उन्होंने आभार व्यक्त किया है। यह घटनाक्रम इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि राजनीतिक दलों द्वारा अपने सांसदों के अन्य दलों में शामिल होने के मामलों में सीधे राष्ट्रपति के हस्तक्षेप की मांग का यह एक असामान्य उदाहरण बताया जा रहा है।राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आप द्वारा यह कदम राघव चड्ढा, हर भजन सिंह सहित सात सांसदों के कथित दल-बदल को “असंवैधानिक” बताने की रणनीति का हिस्सा है। पार्टी इस मुद्दे को संविधान की रक्षा से जोड़ते हुए देश की सर्वोच्च संवैधानिक संस्था के समक्ष उठाना चाहती है।
आप सूत्रों के अनुसार, इस पूरे अभियान को आगे बढ़ाने में तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सलाह का भी प्रभाव बताया जा रहा है। पार्टी का लक्ष्य इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर उठाकर आगामी चुनावों में राजनीतिक समर्थन मजबूत करना है।