पूर्व मिदनापुरः पश्चिम बंगाल के पूर्व मिदनापुर जिले के एगरा विधानसभा क्षेत्र में स्ट्रांग रूम की सुरक्षा को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया। पुलिस पर पक्षपात और नियमों के उल्लंघन के आरोप लगाते हुए तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया। स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई जब बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता एगरा थाना पुलिस अधिकारियों को घेरकर नारेबाजी करने लगे और धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया।
तृणमूल प्रत्याशी पीयूषकांति पंडा ने आरोप लगाया कि एगरा थाना पुलिस ने कथित तौर पर पोटाशपुर के भाजपा प्रत्याशी तपन माइती को स्ट्रांग रूम के अंदर प्रवेश की अनुमति दी, जो चुनाव नियमों के खिलाफ है। उनका कहना है कि एक उम्मीदवार को विशेष सुविधा देना चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़ा करता है।
इन आरोपों के सामने आने के बाद इलाके में अचानक तनाव फैल गया और सैकड़ों तृणमूल कार्यकर्ता सड़क पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस अधिकारियों को घेरकर विरोध जताया, जिससे स्ट्रांग रूम के आसपास का पूरा इलाका कुछ समय के लिए अवरुद्ध हो गया।
स्थिति बिगड़ते देख एगरा के सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट (SDM) मंजीत यादव मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर माहौल शांत करने की कोशिश की। हालांकि तनाव पूरी तरह खत्म नहीं हुआ, जिसके बाद हालात नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त केंद्रीय सुरक्षा बलों को तैनात करना पड़ा।
केंद्रीय बलों ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए भीड़ को हटाया और इलाके को खाली कराया। फिलहाल स्ट्रॉन्ग रूम के आसपास भारी पुलिस बल और केंद्रीय सुरक्षा बल की तैनाती की गई है ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोका जा सके।
इस बीच तृणमूल नेतृत्व ने चेतावनी दी है कि यदि कथित रूप से पक्षपात करने वाले पुलिस अधिकारी को हटाया नहीं गया, तो पार्टी बड़े आंदोलन की ओर जाएगी। वहीं भाजपा नेता चंदन माइती ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि स्ट्रांग रूम पूरी तरह सुरक्षित है और वहां पर्याप्त सुरक्षा बल तैनात हैं। उन्होंने कहा कि तृणमूल राजनीतिक तनाव पैदा करने की कोशिश कर रही है।