पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा तलाशी अभियान में कथित तौर पर बाधा पैदा करने और प्रतिकूल परिस्थिति के बावजूद शांत दिमाग से अपने कर्तव्यों का पालन किया।
इसी 'विरल साहस' (Rare Professional Courage) का परिचय देने के लिए शुक्रवार को एन्फोर्समेंट डिरेक्टोरेट (ED) ने अपने 70वें स्थापना दिवस के मौके पर एसिस्टेंट डिरेक्टर प्रशांत चांडिला को सम्मानित किया। दिल्ली के ED सदर ऑफिस में उन्हें यह सम्मान प्रदान किया गया है।
गौरतलब है कि इस साल 8 जनवरी को कोयला और वित्तीय तस्करी के मामले में जांच के लिए तृणमूल की राजनीतिक सलाहकार कंपनी I-PAC के कोलकाता के सॉल्टलेक स्थित ऑफिस और कंपनी के प्रमुख प्रतीक जैन के लाउडन स्ट्रीट स्थित घर पर ED के अधिकारियों ने तलाशी अभियान चलाया था। सुबह करीब 6.20 बजे शुरू हुए इस तलाशी अभियान का नेतृत्व प्रशांत चांडिला ने ही किया था।
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ED ने आरोप लगाया था कि तलाशी अभियान के दौरान बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी वहां पहुंची और उन्होंने तलाशी में बाधा डाली थी। उन्होंने अधिकारियों को भी जबरदस्ती अपना काम करने से रोका था।
दबाव के बीच भी प्रशांत चांडिला न तो घबराए और न ही वह झुके। बल्कि अपनी उपस्थित बुद्धिमत्ता का परिचय देते हुए उन्होंने एक ऐसा 'पंचनामा' या 'सिजर मेमो' तैयार किया जिसमें किसी गलती की कोई गुंजाइश नहीं थी। दावा किया जाता है कि यह पंचनामा ही बाद में सुप्रीम कोर्ट में ED का बड़ा हथियार बन गया था। इसके आधार पर ही मुख्यमंत्री और कोलकाता के पुलिस अधिकारियों के खिलाफ ED ने मामला दायर किया था।
हालांकि बंगाल की सत्ताधारी पार्टी तृणमूल ने दावा किया था कि ED उनकी चुनावी रणनीतियों को चुराने की कोशिश कर रही थी।