🔔 ताज़ा ख़बरें सबसे पहले!

Samachar EiSamay की ब्रेकिंग न्यूज़, राजनीति, खेल, मनोरंजन और बिज़नेस अपडेट अब सीधे आपके पास।

देश भर के लाखों लोगों के मोबाइल पर अचानक आया 'अत्यंत गंभीर चेतावनी' का अलर्ट, केंद्र का परीक्षण

शनिवार को देशभर के लाखों लोगों के मोबाइल पर यह अलर्ट आया। यह केंद्र सरकार की हाल ही में शुरू की गयी सेल ब्रॉडकास्ट इमरजेंसी सिस्टम के देशव्यापी परीक्षण का हिस्सा था।

By Moumita Bhattacharya

May 02, 2026 14:16 IST

अचानक से मोबाइल वाइब्रेट होने के साथ ही एक अलर्ट टोन बजने लगा और स्क्रीन पर एक संदेश लिखा नजर आ रहा था 'Extremely Severe Alert' (अत्यंत गंभीर चेतावनी)। शनिवार को देशभर के लाखों लोगों के मोबाइल पर यह अलर्ट आया जिससे लोग चौंक उठे। दरअसल, यह केंद्र सरकार की हाल ही में शुरू की गयी सेल ब्रॉडकास्ट इमरजेंसी सिस्टम के देशव्यापी परीक्षण का हिस्सा था।

मोबाइल की स्क्रीन पर दिखाई दे रहे इस संदेश में यह भी स्पष्ट तौर पर लिखा हुआ था कि यह अलर्ट सिर्फ एक ट्रायल है और नागरिकों को इसके लिए किसी कार्रवाई करने की जरूरत नहीं है।

क्यों किया गया यह परीक्षण?

व्यापक स्तर पर किए गए परीक्षण की वजह से ही देश भर में इतनी बड़ी संख्या में लोगों के मोबाइल पर अचानक अलर्ट आया। इसका उद्देश्य आपातकालीन स्थितियों में संचार व्यवस्था को बेहतर बनाना है। केंद्र सरकार की ओर से उठाया गया यह कदम स्वदेशी आपदा संचार नेटवर्क लागू करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बतायी जाती है।

2 मई 2026 को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) और केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) ने औपचारिक रूप से लॉन्च किया। बताया जाता है कि इस पहल का मुख्य आधार SACHET प्लेटफॉर्म है, जिसका पूरा नाम “Integrated Alert System” है। इसे केंद्र सरकार की दूरसंचार विभाग ने विकसित किया है। मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि यह प्रणाली अंतर्राष्ट्रीय टेलीकम्यूनिकेशन यूनियन द्वारा सुझाए गए कॉमन अलर्टिंग प्रोटोकॉल का पालन करती है। देश के सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में पहले से ही सक्रिय है।

पारंपरिक SMS अलर्ट से अलग है यह प्रणाली

यह नई प्रणाली पारंपरिक SMS अलर्ट से काफी अलग और अधिक प्रभावी बतायी जाती है। सेल ब्रॉडकास्ट सिस्टम इस तरह बनाया गया है कि यह तुरंत ध्यान आकर्षित करें। इसमें अलर्ट किसी खास क्षेत्र के सभी अनुकूल मोबाइल पर सीधे भेजे जाते हैं और यह नेटवर्क कंजेशन की वजह से प्रभावित भी नहीं होता है।

जब अलर्ट भेजा जाता है तब संदेश स्क्रीन पर स्पष्ट रूप से दिखाई देता है और इसके साथ तेज अलर्ट टोन भी बजती है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यह नोटिफिकेशन फोन के साइलेंट मोड और 'डू-नॉट-डिस्टर्ब' सेटिंग को भी दरकिनार करता है जिससे आपात स्थिति में हर किसी का ध्यान महत्वपूर्ण चेतावनी की तरफ आकर्षित हो।

नागरिकों तक पहुंच को मजबूत बनाएगी नई प्रणाली

अधिकारियों का दावा है कि यह प्रणाली व्यापक पहुंच और तेज प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के लिए बनाई गई है। यह सिस्टम प्राकृतिक आपदाओं जैसे भूकंप, सुनामी और बिजली गिरने जैसी घटनाओं के दौरान, साथ ही मानव-निर्मित आपात स्थितियों जैसे गैस रिसाव या रासायनिक खतरे के समय रियल-टाइम अलर्ट भेजने के लिए डिजाइन की गयी है।

बताया जाता है कि पहले के अलर्ट सिस्टम के माध्यम से मौसम चेतावनियों और आपदा अपडेट के लिए 19 भारतीय भाषाओं में 134 अरब से अधिक SMS भेजे जा चुके हैं। नई ब्रॉडकास्ट तकनीक इस पहुंच को और मजबूत बनाएगी।

Articles you may like: