नई दिल्ली : 10 हजार रुपये रिश्वत लेने के मामले में दोषी ठहराई गई एक सरकारी महिला अधिकारी को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गई है। सुनवाई के दौरान अदालत में यह जानकारी दी गई कि जांच के समय जब्त की गई रिश्वत की रकम चूहों द्वारा काटकर नष्ट कर दी गई। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने हैरानी जताई।
मामले में आरोपी अधिकारी का नाम कुमारी बताया गया है। वह बाल कल्याण परियोजना अधिकारी के पद पर कार्यरत थीं। उन पर 10 हजार रुपये रिश्वत लेने का आरोप लगा था।
शुरुआत में निचली अदालत ने उन्हें बरी कर दिया था लेकिन बाद में पटना हाईकोर्ट ने निचली अदालत का फैसला रद्द करते हुए उन्हें दोषी करार दिया। हाईकोर्ट ने उन्हें चार साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। इसके अलावा एक अन्य धारा में तीन साल की जेल भी दी गई।
इसके बाद महिला अधिकारी ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। 24 अप्रैल 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने उनकी सजा पर रोक लगाते हुए उन्हें जमानत दे दी।
सुनवाई के दौरान यह सामने आया कि जांच एजेंसियों द्वारा जब्त की गई रिश्वत की रकम अब उपलब्ध नहीं है। बताया गया कि पैसे को चूहों ने काटकर खराब कर दिया जिसके कारण अदालत में उसे पेश नहीं किया जा सका।
इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने चिंता जताई। अदालत ने कहा कि अगर जब्त की गई रकम को सुरक्षित तरीके से नहीं रखा गया तो भविष्य में भी ऐसी घटनाएं हो सकती हैं। इससे सरकारी संपत्ति और वित्तीय नुकसान होने की आशंका बढ़ेगी।
हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल सजा पर रोक लगाकर जमानत दी है लेकिन मामला अभी खत्म नहीं हुआ है। आने वाली सुनवाई में इस पूरे मामले पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।