कसबा लॉ कॉलेज में सामूहिक दुष्कर्म मामले में एक साल के अंदर ही मुकदमे की सुनवाई शुरू हो गई है। अदालत सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार अलीपुर में चल रही सुनवाई के पहले दिन ही सॉल्टलेक के एक साइबर फॉरेंसिक विशेषज्ञ का बयान दर्ज किया गया।
बता दें, कसबा लॉ कॉलेज की कानून की छात्रा से हुए सामूहिक दुष्कर्म मामले में हाल ही में सुनवाई शुरू हुई है। इस मामले में कॉलेज के पूर्व छात्र और कर्मचारी मनोजीत मिश्र, उसके दो सहयोगी छात्र जैब अहमद और प्रमीत मुखोपाध्याय तथा सुरक्षा गार्ड पिनाकी बनर्जी के खिलाफ यह मामला दायर किया गया है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पिनाकी को जमानत मिल चुकी है जबकि बाकी सभी आरोपी अभी भी न्यायिक हिरासत में हैं।
पिनाकी के वकील दिव्येन्दु भट्टाचार्य ने बताया कि अलीपुर के पहले ADJ कोर्ट में आगे भी साइबर फॉरेंसिक विशेषज्ञ की गवाही जारी रहेगी। इस मामले में विशेष सरकारी वकील विभास चट्टोपाध्याय हैं।
बता दें, जून 2025 के अंत में लॉ की उक्त छात्रा को कॉलेज परिसर के भीतर बंद करके उससे सामूहिक दुष्कर्म का आरोप लगा था। पुलिस के अनुसार जब वह अस्वस्थ हो गईं, तो आरोपी मनोजीत मिश्रा के दो सहयोगियों ने सुरक्षा गार्ड से चाबी लेकर गेट खोला और उनके लिए इनहेलर खरीदकर लाए। आरोप है कि इसके बाद पीड़िता के साथ और अधिक क्रूरता की गई तथा इस पूरी घटना का वीडियो भी रिकॉर्ड किया गया।
पुलिस ने मनोजीत मिश्र और अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर चार लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। 14 जनवरी को इस मामले में आरोप तय किए गए। पहले यह तय किया गया था कि 27 जनवरी से सुनवाई शुरू होगी लेकिन बाद में यह प्रक्रिया अप्रैल के तीसरे सप्ताह में जाकर शुरू की गयी।