🔔 ताज़ा ख़बरें सबसे पहले!

Samachar EiSamay की ब्रेकिंग न्यूज़, राजनीति, खेल, मनोरंजन और बिज़नेस अपडेट अब सीधे आपके पास।

CCTV बंद, संदिग्ध एंट्री और विरोधः मतगणना से पहले बंगाल में सुरक्षा पर सियासी बवाल

कोलकाता से मुर्शिदाबाद तक तकनीकी खराबी या लापरवाही? स्ट्रांग रूम सुरक्षा पर गरमाई राजनीति।

By श्वेता सिंह

May 04, 2026 08:45 IST

कोलकाताः पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों से ठीक पहले स्ट्रांग रूम की सुरक्षा को लेकर राज्यभर में विवाद खड़ा हो गया है। ईवीएम की सुरक्षा को लेकर विभिन्न जिलों से लगातार शिकायतें सामने आईं, जिससे राजनीतिक दलों के बीच तनाव और गहरा गया। राजधानी कोलकाता के खुदिराम अनुशीलन केंद्र में मतगणना से लगभग आठ घंटे पहले सीसीटीवी कैमरे बंद होने का आरोप लगा। तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने इसे गंभीर मामला बताते हुए उस दौरान की ‘रॉ फुटेज’ की मांग की, ताकि स्थिति स्पष्ट हो सके।

पूर्व बर्धमान: डेढ़ घंटे तक निगरानी ठप

पूर्व बर्धमान जिले के गोलापबाग स्थित यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी परिसर में बने स्ट्रांग रूम में भी बड़ा विवाद सामने आया। आउशग्राम विधानसभा क्षेत्र के लिए लगाए गए कैमरे करीब 1 घंटे 13 मिनट तक बंद रहे।

तृणमूल उम्मीदवार श्यामाप्रसन्न लोहार ने इस पर सवाल उठाते हुए फुटेज मांगी। हालांकि जिला प्रशासन ने इसे बिजली संबंधी तकनीकी समस्या बताते हुए सुरक्षा में किसी तरह की चूक से इनकार किया।

मुर्शिदाबाद: एजेंटों का हंगामा, प्रशासन ने कराया निरीक्षण

मुर्शिदाबाद के जंगीपुर गवर्नमेंट पॉलिटेक्निक कॉलेज में भी कुछ समय के लिए सीसीटीवी बंद होने से विवाद खड़ा हो गया। विभिन्न दलों के एजेंटों ने ईवीएम से छेड़छाड़ की आशंका जताते हुए विरोध प्रदर्शन किया।

स्थिति को शांत करने के लिए प्रशासन ने एजेंटों को अंदर ले जाकर सुरक्षा व्यवस्था दिखाई, जिसके बाद मामला नियंत्रित हुआ।

कोलकाता में ‘संदिग्ध गाड़ी’ की एंट्री से बवाल

शेखावत मेमोरियल गर्ल्स हाई स्कूल के स्ट्रांग रूम परिसर में ‘एक्स आर्मी’ स्टिकर लगी गाड़ी के प्रवेश को लेकर भी विवाद हुआ। TMC ने सवाल उठाया कि प्रतिबंधित क्षेत्र में यह गाड़ी कैसे पहुंची।

इस घटना के बाद कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया और पुलिस के साथ तीखी नोकझोंक भी हुई।

आसनसोल: लिफाफे में मोबाइल ले जाने का आरोप

पश्चिम बर्धमान के आसनसोल में एक गाड़ी से बंद लिफाफे में मोबाइल फोन ले जाने का मामला सामने आया। आरोप है कि यह गाड़ी ‘निर्वाचन आयोग’ के नाम से अंदर दाखिल हुई थी। फोन मिलने के बाद भाजपा प्रतिनिधियों ने विरोध जताया।

प्रशासन का पक्ष: ‘तकनीकी खामी, सुरक्षा में कोई चूक नहीं’

प्रशासन ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि सीसीटीवी बंद होने की घटनाएं तकनीकी कारणों से हुईं और सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह सुरक्षित रही।

कोलकाता पुलिस आयुक्त ने भी स्पष्ट किया कि स्ट्रांग रूम के आसपास सख्त गाइडलाइन लागू है। किसी भी अनधिकृत गतिविधि की अनुमति नहीं है। मतगणना से ठीक पहले सामने आए इन घटनाक्रमों ने राजनीतिक माहौल को और संवेदनशील बना दिया है। विपक्ष जहां चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठा रहा है, वहीं प्रशासन निष्पक्षता और पारदर्शिता का भरोसा जता रहा है। अब सबकी निगाहें मतगणना के अंतिम परिणामों पर टिकी हैं।

Articles you may like:

Election