मतगणना को लेकर इस बार धीमी ट्रेंडिंग देखने की अटकलें लगाई जा रही थीं। कई पक्षों की ओर से दावा किया जा रहा था कि शुरुआती रुझान मिलने में समय लग सकता है। लेकिन इस दावे को भारत के चुनाव आयोग के विशेष पर्यवेक्षक सुब्रत गुप्त ने खारिज कर दिया।
सोमवार को मतगणना शुरू होने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि यह कहना अभी से सही नहीं होगा कि स्लो ट्रेंडिंग होगी। रिटर्निंग ऑफिसरों ने जितने टेबल मांगे थे, उतने ही टेबल उपलब्ध कराए गए हैं।
मतगणना से पहले रात में राज्य के कई हिस्सों में स्ट्रॉन्ग रूम के सीसीटीवी कैमरे बंद होने के आरोपों पर भी सुब्रत गुप्त ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि हर शिकायत की जांच की गई है। कुछ जगहों पर कैमरे 5-10 मिनट के लिए बंद हुए थे, जो तकनीकी कारणों से हुआ था। एक जगह कैमरा स्लीप मोड में चला गया था। लगभग तुरंत ही रिटर्निंग ऑफिसर वहां पहुंचे और सिस्टम को रीसेट कर दिया।
साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि सोमवार को किसी भी तरह का विजय जुलूस (विक्ट्री मार्च) नहीं निकाला जा सकेगा। सोमवार की सुबह 8 बजे से राज्य में मतगणना शुरू हो गई। हालांकि कई जगहों से यह शिकायत सामने आई कि मतगणना समय पर शुरू नहीं हो सकी, क्योंकि काउंटिंग एजेंट्स समय पर पहुंच ही नहीं पाए।
इस बारे में सुब्रत गुप्त ने कहा कि हमें सभी जगहों से रिपोर्ट मिल रही है। सुरक्षा व्यवस्था बहुत सख्त की गई है। इसलिए काउंटिंग एजेंट्स को मतगणना केंद्रों में प्रवेश करने में थोड़ा समय लग रहा है लेकिन सभी धीरे-धीरे पहुंच रहे हैं और प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।