कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की मतगणना के शुरुआती रुझानों में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेतृत्व वाला गठबंधन आगे नजर आ रहा है। चुनाव आयोग के अनुसार, बीजेपी गठबंधन लगभग 48 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है, जबकि ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) 26 सीटों पर आगे है और उसकी सहयोगी बीजीपीएम एक सीट पर बढ़त में है।
न्यूज़ चैनलों के अनुमानों के मुताबिक 294 सदस्यीय विधानसभा में बीजेपी को करीब 138 सीटों पर बढ़त मिलती दिख रही है, जो बहुमत के आंकड़े 148 से महज 10 सीट कम है। वहीं टीएमसी लगभग 120 सीटों पर आगे बताई जा रही है।
इसी बीच, पश्चिम बंगाल में विपक्ष के नेता और बीजेपी उम्मीदवार शुभेंदु अधिकारी ने मतगणना के बीच अपनी पार्टी के प्रदर्शन को लेकर भरोसा जताया। वे नंदीग्राम और भवानीपुर सीट से चुनाव लड़ रहे हैं।
उन्होंने दावा किया कि शुरुआती रुझानों में बीजेपी 130 से अधिक सीटों पर आगे है, जबकि टीएमसी करीब 100 सीटों पर सीमित है। भवानीपुर सीट को लेकर उन्होंने कहा कि शुरुआती दौर में मुकाबला कड़ा हो सकता है, लेकिन आगे के राउंड में वे बढ़त बना लेंगे।
मीडिया से बातचीत में अधिकारी ने कहा, “बीजेपी सरकार बनाएगी। शुरुआती रुझानों में बीजेपी 135 से अधिक सीटों पर और टीएमसी करीब 100 पर है। भवानीपुर में शुरुआती दौर में कांटे की टक्कर रहेगी। पहले राउंड में 14 बूथों में से 6 मुस्लिम बहुल थे, जहां पहले 90-95 प्रतिशत वोट मिलते थे, लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ। 8 हिंदू बहुल बूथों पर मैं आगे हूं। 9-10 राउंड के बाद मैं बढ़त में रहूंगा।”
उन्होंने आगे कहा कि सत्ता विरोधी लहर और हिंदू मतों का एकजुट होना बीजेपी के लिए सकारात्मक संकेत है। साथ ही, मालदा, मुर्शिदाबाद और उत्तर दिनाजपुर जैसे क्षेत्रों में मुस्लिम वोटों के बंटवारे की बात भी उन्होंने कही।
पश्चिम बंगाल में इस बार रिकॉर्ड मतदान दर्ज किया गया। दूसरे चरण में 91.66 प्रतिशत मतदान हुआ, जो स्वतंत्रता के बाद सबसे अधिक है। पहले चरण में 93.19 प्रतिशत मतदान हुआ था, जिससे कुल मतदान प्रतिशत 92.47 तक पहुंच गया।
साल 2021 के विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी के नेतृत्व में टीएमसी ने 294 में से 213 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया था, जिसमें उसे लगभग 48 प्रतिशत वोट मिले थे। वहीं बीजेपी 77 सीटों और करीब 38 प्रतिशत वोटों के साथ मुख्य विपक्षी दल बनकर उभरी थी। वामपंथी-कांग्रेस गठबंधन उस चुनाव में कोई भी सीट नहीं जीत सका था।