गुवाहाटी: असम विधानसभा चुनाव की मतगणना के बीच सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) 87 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है, जबकि कांग्रेस 21 निर्वाचन क्षेत्रों में आगे चल रही है। यह जानकारी चुनाव आयोग द्वारा जारी रुझानों में सामने आई है।
चुनाव आयोग ने राज्य की 126 में से 114 सीटों के रुझान जारी किए हैं। इनमें भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) 71 सीटों पर आगे है, जबकि उसके सहयोगी दल असम गण परिषद (एजीपी) 7 और बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (बीपीएफ) 9 सीटों पर बढ़त बनाए हुए हैं।
कांग्रेस 21 सीटों पर आगे चल रही है, जबकि उसके सहयोगी असम जातीय परिषद (एजेपी) और रायजोर दल एक-एक सीट पर बढ़त में हैं। इसके अलावा ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (एआईयूडीएफ) 2 सीटों पर आगे है, जबकि माकपा (सीपीआई-एम) और झारखंड मुक्ति मोर्चा एक-एक सीट पर बढ़त बनाए हुए हैं।
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा जलुकबाड़ी सीट से आगे चल रहे हैं, जबकि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई जोरहाट सीट पर अपने बीजेपी प्रतिद्वंद्वी हितेंद्रनाथ गोस्वामी से पीछे हैं।
असम जातीय परिषद के अध्यक्ष लुरिंज्योति गोगोई खोवांग सीट से आगे हैं, वहीं रायजोर दल के अध्यक्ष अखिल गोगोई शिवसागर सीट से बढ़त बनाए हुए हैं, जहां वे पिछली विधानसभा में निर्दलीय विधायक थे।
एनडीए सहयोगी एजीपी के अध्यक्ष अतुल बोरा और कार्यकारी अध्यक्ष केशव महंत, जो सरमा सरकार में मंत्री हैं, क्रमशः बोकाखाट और कलियाबोर सीटों पर आगे चल रहे हैं। कांग्रेस के पूर्व वरिष्ठ नेता प्रद्युत बोरदोलोई और भूपेन बोरा, जिन्होंने चुनाव से पहले बीजेपी का दामन थामा था, क्रमशः दिसपुर और बिहपुरिया सीटों पर बढ़त बनाए हुए हैं।
मंत्री रणोज पेगु, पिजुष हजारिका, अशोक सिंघल, प्रशांत फुकन और बिमल बोरा भी क्रमशः धेमाजी, जागीरोड, ढेकियाजुली, डिब्रूगढ़ और तिनसुखिया के तिंगखोंग क्षेत्रों में आगे चल रहे हैं। एनडीए के सहयोगी बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (बीपीएफ) भी तीन सीटों पर बढ़त में है।
मतगणना सुबह 8 बजे शुरू हुई, जिसमें सबसे पहले पोस्टल बैलेट की गिनती की गई। अन्य दलों के रुझान अभी पूरी तरह सामने नहीं आए हैं। राज्य के सभी 35 जिलों में 40 मतगणना केंद्र बनाए गए हैं। ज्यादातर जिलों में एक ही केंद्र पर सभी सीटों की गिनती हो रही है। हालांकि नगांव जिले में तीन अलग-अलग केंद्र बनाए गए हैं, जबकि कोकराझार, तिनसुखिया और जोरहाट में दो-दो केंद्रों पर मतगणना जारी है।
राज्य की सभी 126 विधानसभा सीटों पर 9 अप्रैल को एक ही चरण में मतदान हुआ था, जिसमें रिकॉर्ड 85.96 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया था। करीब 2.5 करोड़ मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।