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मतगणना के दिन सख्त सुरक्षा के बीच खोले गए ईवीएम स्ट्रॉन्ग रूम, हर चरण पर पारदर्शिता सुनिश्चित

तीन-स्तरीय सुरक्षा और सीसीटीवी निगरानी में ईवीएम की काउंटिंग, उम्मीदवारों की मौजूदगी में बढ़ी विश्वसनीयता।

By रजनीश प्रसाद

May 04, 2026 10:34 IST

नई दिल्ली : देशभर में आज सुबह 8 बजे से मतगणना शुरू होते ही भारत का चुनाव आयोग के निर्देशों के अनुसार ईवीएम (इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन) और वीवीपैट मशीनों को सुरक्षित स्ट्रॉन्ग रूम से निकालने की प्रक्रिया शुरू की गई। यह पूरी प्रक्रिया बेहद सख्त नियमों और सुरक्षा व्यवस्था के तहत की जाती है ताकि चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनी रहे।

मतदान के बाद से ही स्ट्रॉन्ग रूम की 24 घंटे निगरानी की जाती है। यहां राज्य पुलिस और केंद्रीय बलों के सशस्त्र जवान तैनात रहते हैं। साथ ही सीसीटीवी कैमरों से हर गतिविधि पर नजर रखी जाती है। इन कैमरों की लाइव फुटेज उम्मीदवारों और उनके अधिकृत प्रतिनिधियों को भी उपलब्ध कराई जाती है।

मतगणना के दिन सुबह ही रिटर्निंग ऑफिसर, वरिष्ठ चुनाव अधिकारी और आयोग द्वारा नियुक्त पर्यवेक्षक काउंटिंग सेंटर पहुंच जाते हैं। उम्मीदवार और उनके काउंटिंग एजेंट भी इस दौरान मौजूद रहते हैं, जिससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहे।

स्ट्रॉन्ग रूम खोलने से पहले अधिकारियों द्वारा वहां लगे सील की बारीकी से जांच की जाती है। यह सुनिश्चित किया जाता है कि मतदान के बाद से स्ट्रॉन्ग रूम में किसी तरह की छेड़छाड़ नहीं हुई है। उम्मीदवारों और उनके एजेंटों को भी सील की जांच करने और संतुष्टि जताने का मौका दिया जाता है।

सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद अधिकृत अधिकारी तय चाबियों से स्ट्रॉन्ग रूम खोलते हैं। यह प्रक्रिया पर्यवेक्षकों और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में होती है। इसके बाद ईवीएम और वीवीपैट मशीनों को निर्धारित क्रम में बाहर निकाला जाता है और कड़ी सुरक्षा के बीच काउंटिंग हॉल तक पहुंचाया जाता है जहां उन्हें पहले से तय टेबल पर रखा जाता है।

पूरी प्रक्रिया का हर चरण स्ट्रॉन्ग रूम खोलने से लेकर मशीनों को काउंटिंग हॉल तक ले जाने तक आधिकारिक रिकॉर्ड में दर्ज किया जाता है ताकि एक स्पष्ट ऑडिट ट्रेल बनाए रखा जा सके।

मतगणना केंद्रों पर तीन-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। इसमें केंद्र के चारों ओर प्रतिबंधित क्षेत्र, प्रवेश द्वारों पर राज्य सशस्त्र पुलिस और स्ट्रॉन्ग रूम की सुरक्षा के लिए केंद्रीय बल तैनात रहते हैं। अंदर प्रवेश के लिए सख्त जांच और क्यूआर कोड आधारित फोटो पहचान पत्र अनिवार्य किया गया है।

देशभर के निर्धारित केंद्रों पर मतदान केंद्रों से आए वोटों के साथ-साथ डाक मतपत्रों की भी गिनती की जा रही है। पूरी प्रक्रिया पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है ताकि मतगणना निष्पक्ष, सुरक्षित और सुचारु रूप से संपन्न हो सके।

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