जयपुरः सुरक्षा एजेंसियों ने श्रीनगर में लश्कर-ए-तैयबा के कुछ दिनों पहले एक बेहद खतरनाक आतंकी नेटवर्क का पर्दाफाश किया था। जिसके तार राजस्थान की राजधानी जयपुर से मजबूती से जुड़े पाए गए थे। आतंकी उमर हासिम उर्फ 'खरगोश', जो मूल रूप से पाकिस्तानी आतंकी अबुहुरैरा और हाफिज सईद का करीबी बताया जा रहा है, जयपुर में अपनी पहचान छिपाकर एक साल तक सक्रिय रहा। चौंकाने वाली बात यह है इस दौरान उसने न केवल फर्जी सरकारी दस्तावेज बनवाए, बल्कि जयपुर के पते पर पासपोर्ट जारी करवाकर खाड़ी देश फरार होने में भी कामयाब रहा।
सज्जाद अहमद के नाम से बना 'हवामहल' का मतदाता
जांच में आतंकी का फर्जी वोटर आईडी और आधार कार्ड सामने आया है। जिसके आतंकी ने अपनी पहचान सज्जाद अहमद बताई थी, जिसमें उसकी डेट ऑफ़ बर्थ 1995 बताई हुई है। पिता का नाम मोहम्मद अब्दुल्ला लिखवाया। ये आईडी जयपुर के राशिद विहार कॉलोनी सड़वा मानपुर आमेर जय सिंह पुरा खोर के पते पर बनवाया था। यह इलाक़ा हवामहल विधानसभा क्षेत्र में आता है। इसके जरिए वह जयपुर में हवामहल विधानसभा का मतदाता बन गया।
फर्जी किरायानामा और शादी का लिया सहारा
उमर हासिम ने जयपुर में रहने के लिए फर्जी किरायानामा तैयार करवाया था। सूत्रों के अनुसार, उसने श्रीनगर में एक युवती से निकाह किया था और उसी शादी के दस्तावेजों का इस्तेमाल उसने राजस्थान में अपनी पहचान पुख्ता करने और पासपोर्ट बनवाने के लिए किया। इन दस्तावेजों के आधार पर उसने पासपोर्ट हासिल किया और इंडोनेशिया के रास्ते खाड़ी देश भाग निकला।
एजेंसियां और ATS अलर्ट पर
'खरगोश' के फरार होने के बाद अब राजस्थान पुलिस और एटीएस (ATS) की टीमें उसके हर संभावित ठिकाने को खंगाल रही हैं। यह जांच का विषय है कि एक पाकिस्तानी आतंकी एक साल तक राजधानी के संवेदनशील इलाके में रहा और स्थानीय खुफिया तंत्र को इसकी भनक तक नहीं लगी। एजेंसियां अब उन लोगों की तलाश कर रही हैं जिन्होंने आतंकी को फर्जी आधार, वोटर आईडी और पासपोर्ट बनवाने में मदद की थी।