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ईरान के ज़ंजन प्रांत में विस्फोट में आईआरजीसी के 14 जवानों की मौत, 2 घायल

बिना फटे गोला-बारूद को निष्क्रिय करते समय हुआ धमाका, 1200 हेक्टेयर भूमि खतरे में

By डॉ. अभिज्ञात

May 03, 2026 18:32 IST

तेहरान (ईरान) : ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के 14 सदस्य उत्तर-पश्चिमी ईरान में आयुध निष्कासन (ऑर्डनेंस क्लियरेंस) अभियान के दौरान हुए एक विस्फोट में मारे गए, जबकि दो अन्य घायल हो गए। यह जानकारी ईरानी मीडिया के हवाले से सामने आई है। राज्य से संबद्ध फार्स न्यूज़ एजेंसी ने बताया कि यह घटना ज़ंजन प्रांत में उस समय हुई जब एक विशेष निष्कासन मिशन के दौरान बिना फटे आयुध में विस्फोट हो गया।

रिपोर्ट के अनुसार यह कर्मी उस इकाई का हिस्सा थे जिसे क्षेत्र में बचे हुए गोला-बारूद को हटाने और निष्क्रिय करने का दायित्व सौंपा गया था। स्थानीय अधिकारियों का कहना है कि यह अवशिष्ट आयुध नागरिकों और कृषि भूमि के लिए लगातार खतरा बना हुआ है। फार्स न्यूज़ एजेंसी के मुताबिक इस क्षेत्र में लगभग 1,200 हेक्टेयर कृषि भूमि ऐसी है जो बिना फटे आयुध की मौजूदगी के कारण जोखिम में है।

इससे पहले गुरुवार को आईआरजीसी ने कहा था कि डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने दुनिया की ऊर्जा का प्रबंधन करने की रणनीति से हटकर विघटन की नीति अपनाई है और अब ईरान विघटन के खिलाफ गठबंधन का केंद्र बन गया है।

आईआरजीसी के अनुसार यह विघटन परियोजना अमेरिका द्वारा चीन, रूस और यूरोप को नियंत्रित करने के उद्देश्य से शुरू की गई थी।

सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट में आईआरजीसी ने कहा, “ट्रंप प्रशासन ने ‘दुनिया की ऊर्जा के प्रबंधन’ की रणनीति से ‘विघटन’ की ओर रुख किया और चीन, रूस तथा यूरोप को नियंत्रित करने के लिए एक व्यापक विघटन परियोजना के तहत समुद्री नाकेबंदी शुरू की गई। लेकिन 20 दिनों के बाद व्हाइट हाउस में यह आकलन गहराता जा रहा है कि यह परियोजना विफल रही है और तेहरान ‘विघटन के खिलाफ गठबंधन’ का केंद्र बन गया है।”

इस बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार स्थानीय समयानुसार ईरान के नवीनतम प्रस्ताव पर असंतोष व्यक्त किया, जो जारी संघर्ष को समाप्त करने के उद्देश्य से पेश किया गया है। साथ ही उन्होंने इस बात पर भी संदेह जताया कि क्या अंतिम समझौता संभव हो पाएगा। व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा, “वे समझौता करना चाहते हैं, लेकिन मैं इससे संतुष्ट नहीं हूं, इसलिए देखना होगा कि आगे क्या होता है।”

उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि प्रस्ताव के कौन से पहलू उन्हें अस्वीकार्य लगे लेकिन उन्होंने संकेत दिया कि तेहरान की अंतिम सहमति को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। ट्रंप ने आगे कहा, “उन्होंने कुछ प्रगति की है, लेकिन मुझे नहीं लगता कि वे अंत तक पहुंच पाएंगे।” यह टिप्पणी उन्होंने व्हाइट हाउस के साउथ लॉन में पत्रकारों से बात करते हुए की। अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान के नेतृत्व के भीतर आंतरिक विभाजन की ओर भी इशारा किया और कहा कि यह असहमति वार्ता प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती है।

उन्होंने कहा, “नेतृत्व बहुत बिखरा हुआ है। इसमें तीन चार समूह हैं और यह काफी असंगठित नेतृत्व है। इसके बावजूद वे सभी समझौता करना चाहते हैं लेकिन वे आपस में समन्वय नहीं बना पा रहे हैं।”

ट्रंप की यह टिप्पणी उस समय आई है जब ईरान ने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष को समाप्त करने के लिए वार्ता को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से अपना नवीनतम प्रस्ताव प्रस्तुत किया है। यह प्रस्ताव वाशिंगटन द्वारा पहले प्रस्तुत मसौदा योजना में किए गए हालिया संशोधनों के जवाब में दिया गया है।

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