जयपुर : राजस्थान रॉयल्स की बिक्री लगभग 1.65 अरब अमेरिकी डॉलर यानी करीब 15,600 करोड़ रुपये में हो गई है। इस सौदे के बाद आखिरकार यह टीम किसके हाथों में गई इसे लेकर अब स्थिति स्पष्ट हो गई है।
काल सोमानी के नेतृत्व में एक समूह आरआर (राजस्थान रॉयल्स) टीम खरीदने के लिए आगे आया था लेकिन अंत में यह सौदा पूरा नहीं हो सका।
इसी बीच लोकप्रिय आईपीएल फ्रेंचाइज राजस्थान रॉयल्स के स्वामित्व में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। टीम के इतिहास में एक नए अध्याय की शुरुआत हो गई है। लक्ष्मी निवास मित्तल और आदित्य मित्तल ने अदर पुनावाला के साथ हाथ मिलाया है और इसी साझेदारी के तहत इस फ्रेंचाइजी का अधिग्रहण किया गया है।
यह सौदा लगभग 1.65 अरब अमेरिकी डॉलर का बताया जा रहा है जो भारतीय मुद्रा में लगभग 15,600 करोड़ रुपये बैठता है। यह मूल्य केवल राजस्थान रॉयल्स की पुरुष टीम तक सीमित नहीं है बल्कि इसमें पार्ल रॉयल्स और बारबाडोस रॉयल्स का संयुक्त मूल्यांकन भी शामिल है।
3 मई को मित्तल परिवार ने आधिकारिक रूप से इस अधिग्रहण की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मनोज बदाले और उनके समूह के साथ लंबे समय तक चली बातचीत के बाद आखिरकार यह अंतिम समझौता पूरा हुआ है। इस बदलाव के साथ केवल स्वामित्व ही नहीं बदला बल्कि राजस्थान रॉयल्स के भविष्य को लेकर नई उम्मीदें और उत्साह भी पैदा हुआ है।
राजस्थान रॉयल्स के स्वामित्व में बड़ा बदलाव
एक रिपोर्ट के अनुसार मित्तल परिवार पहले से ही राजस्थान रॉयल्स में रुचि दिखा रहा था। उनका उद्देश्य अपने खेल निवेश को और मजबूत करना था। अब यह रुचि वास्तविक सौदे में बदल गई है।
इस समझौते के बाद राजस्थान रॉयल्स में मित्तल परिवार की 75 प्रतिशत हिस्सेदारी होगी। अदर पुनावाला के पास 18 प्रतिशत हिस्सेदारी रहेगी जबकि शेष 7 प्रतिशत अन्य निवेशकों के पास होगा जिनमें मनोज बदाले भी शामिल हैं।
मित्तल परिवार की प्रतिक्रिया
लक्ष्मी निवास मित्तल, आदित्य मित्तल, वनिशा मित्तल-भाटिया, अदर पुनावाला और मनोज बदाले राजस्थान रॉयल्स के बोर्ड में शामिल रहेंगे।
मित्तल परिवार का राजस्थान से गहरा संबंध रहा है। लक्ष्मी निवास मित्तल का जन्म और पालन-पोषण राजस्थान के सादुलपुर में हुआ था। उन्होंने कहा कि क्रिकेट के प्रति उनका लगाव बहुत पुराना है और राजस्थान से जुड़ी जड़ों के कारण इस टीम के साथ जुड़ना उनके लिए एक बड़ा अवसर है। उन्होंने कहा कि इस टीम का हिस्सा बनकर उन्हें बहुत खुशी है।
आदित्य मित्तल ने भी राजस्थान रॉयल्स से जुड़ने पर गर्व और उत्साह व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि आईपीएल बहुत कम समय में दुनिया की सबसे बड़ी खेल लीगों में से एक बन गया है और राजस्थान रॉयल्स इस लीग की प्रमुख टीमों में शामिल है। व्यक्तिगत रूप से इस टीम से जुड़ना उनके लिए बेहद खुशी की बात है।
पुनावाला का उत्साह
सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया के प्रमुख अदर पुनावाला ने कहा कि वह आदित्य मित्तल के साथ इस निवेश में काम करके बेहद खुश हैं। उन्होंने कहा कि राजस्थान रॉयल्स एक मजबूत और ऐतिहासिक टीम है और वे इसके दीर्घकालिक विकास और सफलता में योगदान देना चाहते हैं।
नए मालिकों का स्वागत
मनोज बदाले ने नए मालिकों का स्वागत करते हुए कहा कि मित्तल परिवार और अदर पुनावाला का टीम से जुड़ना बेहद खुशी की बात है। उन्होंने कहा कि क्रिकेट के प्रति उनकी गहरी रुचि राजस्थान और भारत से उनका जुड़ाव तथा टीम के लिए उनकी दीर्घकालिक योजना उन्हें इस फ्रेंचाइजी के लिए उपयुक्त नेतृत्व बनाती है।
सूत्रों के अनुसार इससे पहले काल सोमानी के नेतृत्व में एक समूह इस फ्रेंचाइजी को खरीदने के लिए आगे आया था। एक समय पर यह समूह आगे भी था लेकिन अंततः यह सौदा पूरा नहीं हो सका।