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केरल चुनाव 2026: बीजेपी की ऐतिहासिक एंट्री के संकेत, 2 सीटों पर बढ़त

शून्य सीट से आगे निकलने की ओर भाजपा, शुरुआती रुझानों में कई सीटों पर बढ़त।

By शिखा सिंह

May 04, 2026 13:49 IST

तिरुवनंतपुरम : केरल विधानसभा चुनाव की मतगणना जारी है जिसमें शुरुआती रुझानों ने राज्य की राजनीतिक तस्वीर को दिलचस्प मोड़ पर पहुंचा दिया है। पश्चिम बंगाल में मजबूत प्रदर्शन और असम में सत्ता बरकरार रखने के संकेतों के बीच भारतीय जनता पार्टी के लिए दक्षिण भारत के महत्वपूर्ण राज्य केरल से भी सकारात्मक संकेत सामने आ रहे हैं।

शुरुआती रुझानों के अनुसार राज्य में कांग्रेस के नेतृत्व वाला यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) भारी बढ़त के साथ सरकार बनाने की दिशा में आगे बढ़ता दिख रहा है। हालांकि इसके साथ ही भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाला राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) भी राज्य में अपनी मौजूदगी दर्ज कराने की ओर अग्रसर है।

रुझानों में यह स्पष्ट संकेत मिल रहा है कि भारतीय जनता पार्टी 2021 के विधानसभा चुनाव में शून्य सीट की स्थिति से बाहर निकलकर इस बार केरल विधानसभा में प्रवेश कर सकती है।

चुनाव आयोग के ताजा आंकड़ों और शुरुआती मतगणना के अनुसार कई प्रमुख सीटों पर भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार आगे चल रहे हैं।

नेमोम सीट पर पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता राजीव चंद्रशेखर मजबूत बढ़त बनाए हुए हैं। शुरुआती रुझानों में वह कुल 19,636 वोटों के साथ 4,234 वोटों के अंतर से आगे बताए जा रहे हैं।

पलक्कड़ सीट पर भाजपा की वरिष्ठ नेता शोभा सुरेंद्रन आगे चल रही हैं। यहां उन्हें 27,159 वोट मिले हैं और वह अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी से 1,820 वोटों के अंतर से बढ़त बनाए हुए हैं।

चट्टन्नूर सीट पर भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार बी. बी. गोपाकुमार 26,209 वोटों के साथ आगे चल रहे हैं और 262 वोटों के अंतर से बढ़त बनाए हुए हैं। इसके अलावा शुरुआती रुझानों में एनडीए कझाकूटम निर्वाचन क्षेत्र में भी आगे दिख रहा है।

केरल में भारतीय जनता पार्टी का यह प्रदर्शन पार्टी की रणनीति का परिणाम माना जा रहा है। पार्टी ने चुनाव प्रक्रिया के पहले चरण में 47 उम्मीदवारों की सूची उतारी थी। पार्टी का उद्देश्य 2024 के लोकसभा चुनाव में मिले वोट प्रतिशत और उपस्थिति को विधानसभा स्तर पर सीटों में बदलना था।

राज्य की कुल राजनीतिक स्थिति पर नजर डालें तो मुकाबला मुख्य रूप से कांग्रेस नीत यूडीएफ और सत्तारूढ़ वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) के बीच ही केंद्रित है। मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के नेतृत्व वाली एलडीएफ सरकार को सत्ता विरोधी लहर का सामना करना पड़ रहा है जिसके कारण यूडीएफ को बढ़त मिलती दिख रही है।

हालांकि अंतिम परिणाम यह तय करेंगे कि क्या भारतीय जनता पार्टी 2016 के अपने पिछले प्रदर्शन को पीछे छोड़ते हुए एक से अधिक सीटें जीतने में सफल होती है या नहीं। फिलहाल नेमोम और पलक्कड़ जैसे क्षेत्रों में बढ़त ने केरल के साथ-साथ पश्चिम बंगाल और असम के बाद भाजपा खेमे को उत्साहित करने वाला संकेत दिया है।

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