मुंबई : देश के पाँच राज्यों-असम, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और पुडुचेरी में विधानसभा चुनावों के नतीजों और शुरुआती रुझानों के बीच आज 4 मई को भारतीय शेयर बाजार में मजबूती देखी गई। कारोबार के दौरान प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स में लगभग 700 से 750 अंकों की तेजी दर्ज की गई और यह 77,700 के स्तर के पार पहुंच गया। इसी तरह निफ्टी में भी करीब 250 अंकों की बढ़त देखी गई और यह 24,200 के स्तर पर कारोबार करता हुआ नजर आया।
आज के कारोबारी सत्र में रियल्टी, मेटल और सरकारी बैंकिंग क्षेत्र के शेयरों में सबसे अधिक खरीदारी देखी गई जबकि सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) और मीडिया सेक्टर के शेयरों में बिकवाली का दबाव बना रहा।
शेयर बाजार में इस तेजी के पीछे मुख्य रूप से तीन बड़े कारण बताए जा रहे हैं-
पहला कारण चुनावी रुझान हैं। असम, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और पुडुचेरी में हुए विधानसभा चुनावों के शुरुआती संकेतों को बाजार ने सकारात्मक रूप में लिया है। निवेशकों का मानना है कि स्पष्ट जनादेश बाजार के लिए स्थिरता और भरोसे का संकेत होता है।
दूसरा कारण वैश्विक बाजारों में मजबूती है। एशियाई शेयर बाजारों में आई तेजी का सीधा असर भारतीय बाजार पर भी पड़ा है। जापान, दक्षिण कोरिया और हॉन्गकॉन्ग जैसे प्रमुख एशियाई बाजारों में आज मजबूती का रुख देखने को मिला जिससे घरेलू निवेशकों का भरोसा बढ़ा।
तीसरा कारण कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट है। ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत एक बार फिर घटकर 110 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गई है और यह लगभग 107 डॉलर के स्तर के करीब पहुंच गई है। कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से महंगाई के दबाव में कमी आने की उम्मीद होती है जिसका सकारात्मक असर शेयर बाजार पर पड़ता है।
इसके पहले गुरुवार 30 अप्रैल को बाजार में गिरावट देखी गई थी। उस दिन सेंसेक्स में लगभग 583 अंकों (0.75%) की गिरावट दर्ज हुई थी और यह 76,913 के स्तर पर बंद हुआ था। निफ्टी में भी करीब 180 अंकों (0.74%) की गिरावट रही थी और यह 23,998 के स्तर पर बंद हुआ था। उस दिन के कारोबार में सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में खरीदारी देखी गई थी जबकि मेटल और सरकारी बैंकिंग शेयरों में बिकवाली का दबाव बना रहा था।