कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की मतगणना के दौरान तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) को बड़ा झटका लगता नजर आ रहा है। शुरुआती रुझानों में पार्टी के 20 से ज्यादा मंत्री अपने-अपने क्षेत्रों में पीछे चल रहे हैं, जबकि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) मजबूत बढ़त बनाती दिख रही है।
टीएमसी सूत्रों के अनुसार कम से कम 23 मंत्री अलग-अलग सीटों पर पिछड़ रहे हैं, जो पार्टी नेतृत्व के लिए व्यापक चुनौती का संकेत माना जा रहा है। प्रमुख नेताओं की बात करें तो शिक्षा मंत्री रहे ब्रात्य बसु करीब 10,521 वोटों से पीछे बताए जा रहे हैं। मानस रंजन भुनिया लगभग 4,450 वोटों से पिछड़ रहे हैं, जबकि महिला एवं बाल विकास मंत्री शशि पांजा करीब 5,000 वोटों से पीछे हैं। वित्त मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य भी करीब 3,878 वोटों से पीछे चल रही हैं।
सिंगूर सीट पर भाजपा के उम्मीदवार अरूप कुमार दास लगभग 4,924 वोटों से टीएमसी के बेचराम मन्ना से आगे हैं, जो सत्तारूढ़ दल के लिए राजनीतिक रूप से अहम सीट पर झटका माना जा रहा है।
मंत्री स्नेहाशीष चक्रवर्ती करीब 6,500 वोटों से पीछे बताए जा रहे हैं। इसके अलावा सुजीत बोस, पुलक रॉय, सबीना यास्मिन, श्रीकांत महतो और बीरबाहा हांसदा जैसे कई अन्य मंत्री भी शुरुआती दौर की गिनती में अपने प्रतिद्वंद्वियों से पीछे चल रहे हैं।
इन रुझानों को इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली सरकार ने अपने कल्याणकारी योजनाओं और मजबूत जमीनी संगठन पर भरोसा जताया था, जिसमें ये सभी नेता अहम भूमिका निभाते रहे हैं।
हालांकि पार्टी नेताओं ने कहा है कि ये आंकड़े शुरुआती दौर के हैं और दिनभर में मतगणना के आगे बढ़ने के साथ स्थिति बदल भी सकती है। चुनाव आयोग के अधिकारियों का भी कहना है कि कई राउंड की गिनती पूरी होने के बाद ही स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी।