नयी दिल्ली/कोलकाता: पश्चिम बंगाल में जारी मतगणना के मौजूदा रुझान यदि अंतिम नतीजों में भी कायम रहते हैं तो भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) बहुमत के आंकड़े 147 को पार करते हुए राज्य में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभर सकती है। इसके साथ ही राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के शासन वाले राज्यों की संख्या बढ़कर 21 तक पहुंचने की संभावना है।
दूसरी ओर केंद्र में मुख्य विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ ब्लॉक का प्रभाव सीमित होता नजर आ रहा है। तमिलनाडु में सत्ता गंवाने के बावजूद केरल में बढ़त मिलने से यह गठबंधन कुल मिलाकर छह राज्यों तक सिमट सकता है। हालांकि केरल में बेहतर प्रदर्शन के बावजूद कांग्रेस-नेतृत्व वाले इस गठबंधन के भविष्य को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
भाजपा अकेले ही पश्चिम बंगाल में जीत दर्ज करने के बाद 15 राज्यों में सरकार चला सकती है, जबकि बिहार (जदयू के साथ), आंध्र प्रदेश (टीडीपी के साथ), नगालैंड (नगा पीपुल्स फ्रंट के साथ) और मेघालय (नेशनल पीपुल्स पार्टी के साथ) में सहयोगी दलों के कारण एनडीए की कुल संख्या 21 तक पहुंचती दिख रही है। तमिलनाडु में डीएमके-कांग्रेस गठबंधन को एक नए राजनीतिक खिलाड़ी ‘जन नायक’ विजय की तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) से कड़ी चुनौती मिली है और वह सत्ता से बाहर होता नजर आ रहा है। वहीं केरल में कांग्रेस के नेतृत्व वाला यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) सरकार बनाने की ओर बढ़ रहा है।
चुनाव आयोग के रुझानों के अनुसार कांग्रेस के पास स्पष्ट बहुमत वाली सरकार फिलहाल केवल कर्नाटक, तेलंगाना और हिमाचल प्रदेश में ही रह सकती है। झारखंड में पार्टी हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाले झारखंड मुक्ति मोर्चा के साथ गठबंधन में है। पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार है, जो औपचारिक रूप से इंडिया गठबंधन का हिस्सा नहीं है लेकिन केंद्र में भाजपा की विरोधी मानी जाती है।
संविधान के अनुच्छेद 368 के तहत संशोधन की प्रक्रिया संसद में दो-तिहाई बहुमत से पारित होती है, जबकि कुछ मामलों में आधे से अधिक राज्यों की स्वीकृति भी आवश्यक होती है। अनुच्छेद 54, 55, 73, 162 और 241 सहित कुछ प्रावधानों में राज्यों की पुष्टि जरूरी होती है।
इसी बीच पश्चिम बंगाल में भाजपा कार्यकर्ताओं ने पार्टी कार्यालयों में जश्न मनाना शुरू कर दिया है। कोलकाता में कार्यकर्ता ‘झालमुड़ी’ बांटकर खुशी जाहिर कर रहे हैं। 29 राज्यों वाले देश में बहुमत का आंकड़ा 14.5 माना जाता है और बंगाल में संभावित जीत के साथ भाजपा 15 राज्यों में अपनी सरकार बना सकती है। केंद्रीय मंत्री और पश्चिम बंगाल भाजपा के पूर्व अध्यक्ष सुकांत मजूमदार भी पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ जश्न में शामिल हुए।
तमिलनाडु में टीवीके प्रमुख विजय के परिवार ने भी पार्टी की बढ़त पर खुशी जताई, जहां शुरुआती अनुमानों में पार्टी 234 में से 110 सीटों पर आगे बताई गई। असम में कांग्रेस नेता गौरव गोगोई जोरहाट सीट से बीजेपी के हितेंद्रनाथ गोस्वामी से हार गए। गोस्वामी को 69,439 वोट मिले और उन्होंने 23,182 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की। चुनाव आयोग के अनुसार असम में भाजपा 79 सीटों पर आगे है, कांग्रेस 23 पर, बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट 10 और असम गण परिषद 9 सीटों पर बढ़त में हैं। एआईयूडीएफ 2 सीटों पर, जबकि रायजोर दल और यूनाइटेड पीपुल्स पार्टी (लिबरल) क्रमशः 2 और 1 सीट पर आगे हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज नई दिल्ली स्थित बीजेपी मुख्यालय पहुंच सकते हैं, जहां पार्टी की बढ़त के बीच जश्न का माहौल है।