चेन्नई : तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 की मतगणना के बीच राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। अभिनेता और तमिलाग वेट्री कझगम (टीवीके) के प्रमुख विजय की पार्टी ने जोरदार बढ़त बना ली है। शुरुआती रुझानों के अनुसार टीवीके 234 में से लगभग 110 सीटों पर आगे चल रही है जिससे यह राज्य की सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरती दिखाई दे रही है।
चेन्नई स्थित विजय के आवास पर इस बढ़त के बीच जश्न का माहौल देखा गया। उनके परिवार के सदस्य खुशी में झूमते नजर आए और संगीत के साथ ‘व्हिसल पोडु’ गीत पर नृत्य किया। यह गीत उनकी फिल्म द ग्रेटेस्ट ऑफ ऑल टाइम का है और पार्टी की पहचान से भी जुड़ा हुआ माना जाता है। जश्न में विजय के परिजन जिनमें उनके चचेरे भाई-बहन भी मौजूद रहे।
मतगणना के ताजा रुझानों के मुताबिक टीवीके राज्य में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभर रही है। पार्टी 110 सीटों पर आगे चल रही है जो बहुमत के आंकड़े से केवल 8 सीट कम है। यह अंतर छोटे दलों के समर्थन से पूरा होने की संभावना जताई जा रही है जो पहले द्रविड़ मुनेत्र कझगम (डीएमके) या ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कझगम (एआईएडीएमके) के गठबंधन का हिस्सा रहे हैं।
राज्य में सुबह 8 बजे से मतगणना शुरू हुई और इसके साथ ही राजनीतिक परिदृश्य तेजी से बदलता नजर आया। एआईएडीएमके 64 सीटों पर आगे चल रही है जबकि डीएमके 44 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। अन्य दलों में पट्टाली मक्कल काची (पीएमके) 4 सीटों पर, इंडियन नेशनल कांग्रेस (आईएनसी) 5 सीटों पर और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) 3 सीटों पर आगे चल रही है।
जैसे-जैसे रुझान सामने आते गए टीवीके कार्यकर्ता चेन्नई में पार्टी मुख्यालय के बाहर जुटने लगे। वहां उन्होंने झंडे लहराए और मिठाइयां बांटकर जश्न मनाया। विजय के घर के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की तैनाती की गई।
इसी दौरान अभिनेत्री त्रिशा कृष्णन भी विजय के घर पहुंचीं जहां जश्न का माहौल जारी था।
पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता फेलिक्स जेराल्ड ने उभरते जनादेश पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पार्टी को किसी गठबंधन की आवश्यकता नहीं होगी और वह अपने दम पर सरकार बनाएगी। उन्होंने कहा कि यह स्पष्ट जनादेश है और इसमें किसी तरह की अनिश्चितता नहीं है। उनके अनुसार जनता ने भ्रष्टाचार, लूट, भाई-भतीजावाद और पारिवारिक राजनीति के खिलाफ वोट दिया है और यह पुराने राजनीतिक ढांचे के अंत का संकेत है।
खुद विजय इस चुनाव के केंद्र में रहे हैं। उन्होंने तिरुचिरापल्ली (पूर्व) और पेरंबूर सीटों से चुनाव लड़ा। तिरुचिरापल्ली (पूर्व) में चौथे राउंड के बाद वह 6,000 से अधिक वोटों से आगे चल रहे थे जहां उन्हें 16,579 वोट मिले जबकि डीएमके के उम्मीदवार इनिगो इरुदयराज को लगभग 10,000 वोट मिले। पेरंबूर सीट पर भी वह डीएमके उम्मीदवार आर. डी. शेखर से 10,000 से अधिक वोटों के अंतर से आगे बताए गए।
इन रुझानों ने विजय को तमिलनाडु की राजनीति में एक नई और मजबूत ताकत के रूप में स्थापित कर दिया है। उनकी पार्टी का यह प्रदर्शन राज्य की लंबे समय से चली आ रही द्रविड़ राजनीति में एक बड़े बदलाव के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।