मुंबई /बेंगलुरु : महाराष्ट्र और कर्नाटक में बर्ड फ्लू को लेकर चिंता बढ़ गई है। आगामी पाँच दिनों में केवल महाराष्ट्र में ही लगभग डेढ़ लाख मुर्गियों को मारने का प्रशासन ने निर्णय लिया है। संक्रमण के कारण कर्नाटक में करीब पचास मोरों की मौत हो चुकी है। इसके अलावा यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या यह वायरस किसी अन्य पशु या मानव में फैला है। इस दिशा में स्वास्थ्यकर्मी ग्राम-ग्राम जाकर जांच कर रहे हैं।
महाराष्ट्र के नंदुरबार जिले के नवपुर में 25 रैपिड रिस्पॉन्स टीमों द्वारा 1 लाख 40 हजार मुर्गियों का कॉलिंग किया जाएगा। शुक्रवार और शनिवार को ही कम से कम 11 हजार मुर्गियों की मौत हो चुकी है। साथ ही 6 हजार अंडों को पशुपालन विभाग के कर्मचारियों द्वारा नष्ट कर दिया गया। अंडों के ट्रे भी अलग से नष्ट किए जाएंगे। जिन पोल्ट्री फार्मों से वायरस फैलने की आशंका है उनके आस-पास 3 किलोमीटर के दायरे को संक्रमण प्रभावित क्षेत्र के रूप में चिन्हित कर प्रशासन ने सावधानी उपाय शुरू कर दिए हैं।
वहीं कर्नाटक के तमकुरु जिले में भी बर्ड फ्लू के एच5एन1 वायरस फैलने की पुष्टि हुई है। जिले के कई गांवों से 44 मोरों की मौत की खबर मिलने के बाद प्रशासन ने मृत पक्षियों के नमूने भोपाल प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजे। रिपोर्ट में मृत मोरों में बर्ड फ्लू वायरस पाया गया। इसके बाद कर्नाटक प्रशासन ने राज्य के चिड़ियाघर, पक्षी उद्यान और अभयारण्यों पर कड़ी निगरानी शुरू कर दी है। सभी पक्षियों में बीमारी के कोई लक्षण दिख रहे हैं या नहीं, यह देखा जा रहा है। महाराष्ट्र की तरह कर्नाटक में भी बर्ड फ्लू की घटनास्थल के आसपास 3 किलोमीटर क्षेत्र को संक्रमण प्रभावित क्षेत्र के रूप में चिन्हित किया गया है।