कोलकाता: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न होने के बाद अब मतगणना और उसके बाद संभावित हालात को लेकर चुनाव आयोग सतर्क हो गया है। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल ने बताया कि परिणाम घोषित होने के बाद किसी भी तरह की हिंसा रोकने के लिए राज्य में 500 कंपनियां सुरक्षा बलों की तैनात रहेंगी।
एक पत्रकार वार्ता में उन्होंने कहा कि करीब सात करोड़ मतदाताओं ने मतदान किया और राज्य के लोगों ने शांति का संदेश दिया। उनके अनुसार जनता ने किसी भी तरह की हिंसा या राज्य की छवि खराब करने की इच्छा नहीं दिखाई जिसके कारण चुनाव पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने यह भी जानकारी दी कि 6 तारीख तक आदर्श आचार संहिता लागू रहेगी। इसके बाद नई सरकार के गठन के साथ प्रशासनिक जिम्मेदारी नई व्यवस्था को सौंप दी जाएगी।
हाल ही में कालिगंज में विजय जुलूस के दौरान एक नाबालिग की मौत की घटना ने पूरे राज्य को झकझोर दिया था। इस घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठे थे। हालांकि उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया सही ढंग से पूरी की गई और शांति बनाए रखने के लिए आयोग लगातार सक्रिय रहा। किसी भी प्रकार की अशांति को रोकने के लिए अतिरिक्त केंद्रीय बलों और पुलिस की तैनाती पर विशेष ध्यान दिया गया था।
इस बार चुनाव प्रक्रिया में बदलाव करते हुए राज्य में दो चरणों में मतदान कराया गया। पहले चरण में उत्तर बंगाल के सभी सीटों के साथ-साथ बीरभूम, बांकुड़ा, पूर्व मेदिनीपुर और झाड़ग्राम की कुल 152 सीटों पर मतदान हुआ। दूसरे चरण में कोलकाता समेत बाकी जिलों की 142 सीटों पर वोट डाले गए।
दोनों चरणों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। लगभग ढाई हजार कंपनियों के केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती की गई थी जिससे पूरे चुनाव को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराया जा सका।