नई दिल्लीः भारत और कनाडा ने मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को आगे बढ़ाने के लिए सोमवार से दूसरे दौर की वार्ता शुरू कर दी। इसे व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता (CEPA) कहा जाता है और यह दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश को मजबूत बनाने पर केंद्रित है।
पांच दिनों तक चलने वाली इस बातचीत में वस्तुओं, सेवाओं और अन्य सहमति वाले क्षेत्रों पर चर्चा हो रही है। इससे पहले पहला दौर मार्च में आयोजित किया गया था। इस चरण को खास माना जा रहा है क्योंकि वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पियूष गोयल इसी महीने के अंत में कनाडा का दौरा करने वाले हैं, जिससे वार्ता को और गति मिलने की उम्मीद है।
दरअसल, दोनों देशों के बीच बातचीत 2023 में रुक गई थी लेकिन वैश्विक व्यापार परिदृश्य में बदलाव के चलते अब इसे नए सिरे से शुरू किया गया है। भारत और कनाडा ने 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 50 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। फिलहाल यह करीब 8.66 अरब डॉलर के स्तर पर है।
भारत से कनाडा को मुख्य निर्यात में दवाइयां, लोहा-इस्पात, समुद्री उत्पाद, कपड़ा और रसायन शामिल हैं, जबकि कनाडा से भारत दालें, कोयला, उर्वरक और कच्चा तेल आयात करता है।
भारत की ओर से वार्ता का नेतृत्व वाणिज्य विभाग के संयुक्त सचिव ब्रिज मोहन मिश्रा कर रहे हैं, जबकि कनाडा की तरफ से ब्रूस क्रिस्टी मुख्य वार्ताकार हैं। कनाडा में बड़ी भारतीय आबादी के साथ-साथ चार लाख से अधिक भारतीय छात्र भी रहते हैं, जो दोनों देशों के संबंधों को और मजबूत बनाते हैं।