कोलकाताःपश्चिम बंगाल में हाल ही में निर्वाचित भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली सरकार 9 मई शनिवार को शपथ लेगी। यह दिन नोबेल पुरस्कार विजेता रवीन्द्रनाथ टैगोर की जयंती के अवसर पर पड़ रहा है। यह जानकारी राज्य भाजपा अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने मंगलवार को दी।
भट्टाचार्य ने बताया कि प्रधानमंत्री ने घोषणा की है कि 25 बैसाख यानी 9 मई को टैगोर की जयंती पर नई सरकार शपथ ग्रहण करेगी। उन्होंने इसे राज्य के लिए एक ऐतिहासिक क्षण बताया।
चुनाव के बाद सामने आई कुछ घटनाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने भाजपा के झंडों से जुड़े तोड़फोड़ के मामलों की निंदा की। उन्होंने कहा कि ऐसी गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और इसमें शामिल लोगों के खिलाफ पार्टी से निष्कासन जैसी सख्त कार्रवाई की जा सकती है। साथ ही उन्होंने प्रशासन से कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी निभाने की भी बात कही।
पार्टी कार्यकर्ताओं को संदेश देते हुए भट्टाचार्य ने कहा कि जीत का जश्न जरूर मनाएं, लेकिन ऐसा कोई काम न करें जिससे किसी की भावनाएं आहत हों। उन्होंने जोर देकर कहा कि जितनी बड़ी जीत मिली है, उतनी ही बड़ी जिम्मेदारी भी है।
उन्होंने इस जीत के पीछे व्यापक जनसमर्थन को श्रेय दिया। उनके अनुसार देश के विभिन्न हिस्सों और विदेश से भी लोगों ने समर्थन दिया, जिसमें टोरंटो और सिलिकॉन वैली शामिल हैं। उन्होंने कहा कि प्रवासी मजदूरों ने भी अपने खर्च पर आकर मतदान किया, जो बदलाव की भावना को दर्शाता है।
भट्टाचार्य ने इसे एक महत्वपूर्ण जनादेश बताते हुए कहा कि भाजपा का उद्देश्य केवल सरकार या मुख्यमंत्री बदलना नहीं, बल्कि राजनीतिक संस्कृति में बदलाव लाना और सामाजिक बहुलता को फिर से स्थापित करना है। उन्होंने इसे केंद्र के साथ तालमेल वाली “डबल इंजन सरकार” बताया।
विपक्ष के “अनैतिक जीत” जैसे आरोपों को खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि विपक्ष अपनी बात कहने के लिए स्वतंत्र है और इससे उन्हें कोई आपत्ति नहीं है।
चुनावी परिणामों पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी की भवानीपुर सीट से हार जनता के भरोसे में कमी का संकेत है। भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने बनर्जी को 15,000 से अधिक वोटों से हराया, जो राज्य की राजनीति में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है। 2026 के विधानसभा चुनावों में भाजपा ने 200 से अधिक सीटें जीतकर बड़ी जीत हासिल की, जबकि तृणमूल कांग्रेस लगभग 80 सीटों तक सिमट गई।