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भारत ने जमैका में ग्रामीण आजीविका सुधार और स्वास्थ्य ढांचे को सशक्त बनाने में योगदान दिया

भारत-जमैका सहयोग का विस्तार: शिक्षा, डिजिटल भुगतान और सांस्कृतिक आदान-प्रदान पर जोर

By प्रियंका महतो

May 05, 2026 14:31 IST

किंग्स्टन जमैका : भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भारत-जमैका संबंधों में विकास सहयोग को एक मौलिक स्तंभ बताते हुए कहा कि दोनों देश नई सहयोग की संभावनाओं के माध्यम से द्विपक्षीय संबंधों को और गहरा करने के लिए तत्पर हैं। सोमवार को किंग्स्टन में अपनी जमैका की समकक्ष कामिना जॉनसन स्मिथ के साथ उच्चस्तरीय वार्ता के बाद विदेश मंत्री ने इस चर्चा को व्यापक और बहुत सारगर्भित बताया। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों ने भारत-जमैका संबंधों की पूरी श्रृंखला का अवलोकन किया।

इस बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने साझेदारी को और मजबूत करने के नए अवसर तलाशे। जयशंकर ने कई समझौतों पर हस्ताक्षर होने पर जोर दिया और हाल ही में संपन्न एमओयू के "प्रभावी कार्यान्वयन" पर ध्यान केंद्रित किया। इनमें डिजिटल परिवर्तन, सांस्कृतिक आदान-प्रदान, खेल और डिजिटल भुगतान जैसे क्षेत्र शामिल है ताकि स्थानीय स्तर पर ठोस परिणाम सुनिश्चित किए जा सकें।

विदेश मंत्री ने यह भी रेखांकित किया कि विकास सहयोग हमारे साझेदारी का एक बहुत महत्वपूर्ण स्तंभ है। उन्होंने किंग्स्टन टाउन में ग्रामीण आजीविका सुधार परियोजना की सफल डिलीवरी का स्वागत किया। मार्च में पूरी हुई इस पहल का समर्थन भारत ने 1 मिलियन अमेरिकी डॉलर के माध्यम से इंडिया-यूएन डेवलपमेंट पार्टनरशिप फंड से किया था। जयशंकर ने कहा कि इस परियोजना से सीधे तौर पर 200 से अधिक व्यक्तियों को लाभ मिला है और इसका किंग्स्टन टाउन समुदाय में हजारों लोगों पर व्यापक सकारात्मक प्रभाव पड़ा है।

इस प्रगति को ध्यान में रखते हुए दोनों पक्षों ने जमैका के लिए हस्तशिल्प सशक्तिकरण हब स्थापित करने की संभावना का पता लगाया। यह प्रस्ताव नई दिल्ली की इंडिया-कारिकॉम डेवलपमेंट पार्टनरशिप के तहत बड़े प्रतिबद्धताओं के अनुरूप है। जयशंकर ने जमैका में हरिकेन मेलिसा के बाद पुनर्वास और पुनर्निर्माण प्रयासों में भारत के योगदान की संतुष्टि भी व्यक्त की।

भ्रमण के दौरान एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम था 10 भीष्म क्यूब्स में से एक खेप का प्रतीकात्मक हस्तांतरण। इसके अलावा जयशंकर ने पुष्टि की कि भारत जमैका में स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने के लिए 30 डायलिसिस यूनिट्स की आपूर्ति की प्रक्रिया में है। इस चिकित्सा सहायता से पहले भी भारत ने मानवतावादी प्रयासों के तहत 20 टन से अधिक राहत सामग्री भारतीय वायुसेना के विमान के माध्यम से भेजी थी। विदेश मंत्री ने कहा हमने स्थानीय क्षमता निर्माण के लिए एक चिकित्सा टीम भेजी। और ये प्रयास हमारे आपदा प्रतिक्रिया में भरोसेमंद विकास साझेदार के रूप में प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।

भविष्य की दिशा में दोनों देशों ने कई क्षेत्रों में सहयोग का विस्तार करने पर चर्चा की विशेष रूप से रक्षा और सुरक्षा, स्वास्थ्य, डिजिटलीकरण, कृषि, शिक्षा और अवसंरचना पर ध्यान केंद्रित किया। द्विपक्षीय संबंधों से आगे जयशंकर की प्रधानमंत्री एंड्रयू होलनेस के साथ चर्चाओं में क्षेत्रीय और वैश्विक प्रमुख विकास पर भी बात हुई। दोनों देशों ने "बहुपक्षीय मंचों में निकट सहयोग" की पुष्टि की विशेष रूप से "सुधारित बहुपक्षवाद और ग्लोबल साउथ की प्राथमिकताओं" पर जोर दिया।

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