कोलकाताः कई नामों पर मंथन तेज है। मुख्यमंत्री की कुर्सी पर कौन बैठेगा, इस पर राजनीतिक हलकों में चर्चा चल रही है। भाजपा को लेकर यह भी कहा जा रहा है कि वह इस बार सरप्राइज दे सकती है। हालांकि बंगाल के नये मुख्यमंत्री का नाम अभी सामने नहीं आया है।
रविवार रात तक राजनीतिक गलियारों में सबसे बड़ा सवाल यही था कि सत्ता में कौन आ रहा है- भाजपा या तृणमूल? सोमवार दोपहर के बाद तस्वीर काफी हद तक साफ हो गई और यह संकेत मिला कि भाजपा बंगाल विधानसभा में बहुमत की स्थिति में है। इसके बाद से ही राज्य की राजनीति में एक नया सवाल लगातार उठ रहा है- बंगाल का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा?
अमित शाह के संकेत से बढ़ी अटकलें
हालांकि अभी तक भाजपा की ओर से मुख्यमंत्री के नाम की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पहले ही इस दिशा में संकेत दे दिए थे।
उन्होंने कई चुनावी रैलियों में कहा था कि “एक बंगाली भाजपा नेता, जो बंगाल में पला-बढ़ा हो और यहीं पढ़ा हो, वही राज्य का अगला मुख्यमंत्री होगा।” इस बयान के बाद से ही दावेदारों को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।
शुभेंदु अधिकारी का नाम सबसे आगे
राजनीतिक गलियारों में सबसे प्रमुख नाम के तौर पर शुभेंदु अधिकारी का उल्लेख हो रहा है। इस बार वे तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख नेता और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को भवानीपुर में हराने में सफल रहे।
यह भी याद दिलाया जा रहा है कि 2021 के विधानसभा चुनाव में नंदीग्राम से ममता बनर्जी को शुभेंदु अधिकारी से हार का सामना करना पड़ा था। नंदीग्राम में भी उनकी वजह से दोबारा भगवा लहराया है। किसी जमाने में अपने करीबी रहे पवित्र कर को हरा कर जीत हासिल की। ऐसे में मुख्यमंत्री पद की दौड़ में उनका नाम सबसे मजबूत माना जा रहा है।
शमिक भट्टाचार्य भी दावेदारों की सूची में
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य का नाम भी मुख्यमंत्री पद के संभावित चेहरों में शामिल है।
2019 के लोकसभा चुनाव में दिलीप घोष के जमाने में इस राज्य में भाजपा ने एक झटके में 18 सीट जीत ली थी। हालांकि 2021 के विधानसभा चुनाव में तत्कालीन राज्य अध्यक्ष दिलीप घोष भाजपा को बंगाल में जीत का स्वाद नहीं चखा पाये थे। महज 77 सीटों पर ही कमल खिल सका था। मौजूदा राज्य अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने पार्टी को जीत दिलायी है। इनके ही जमाने में बंगाल में भाजपा की सरकार बनाने का श्यामाप्रसाद मुखर्जी का सपना पूरा होने जा रहा है। इसलिए कई लोगों का मानना है कि शमिक भट्टाचार्य भी सीएम बनने की रेस में शामिल हैं।
हालांकि वे राज्यसभा सांसद हैं और इस बार विधानसभा चुनाव नहीं लड़े हैं। अगर पार्टी नेतृत्व उन्हें मुख्यमंत्री बनाती है तो उन्हें छह महीने के भीतर किसी विधानसभा सीट से चुनाव जीतना होगा।
उत्तर बंगाल से सुकांत मजूमदार का नाम
भाजपा ने इस चुनाव में उत्तर बंगाल में मजबूत प्रदर्शन किया है। इसी कारण केंद्रीय राज्य मंत्री सुकांत मजूमदार का नाम भी संभावित मुख्यमंत्री उम्मीदवारों के तौर पर सामने आ रहा है।
वे भी चुनाव प्रचार के दौरान सक्रिय रहे हैं और संगठनात्मक स्तर पर उनकी भूमिका को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। शुभेंदु-शमिक के साथ सुकांत भी बंगाल चुनाव में काफी सक्रिय देखे गये थे।
भाजपा की अनिश्चित रणनीति पर चर्चा
राज्य भाजपा के एक वरिष्ठ नेता के अनुसार, पार्टी की रणनीति काफी अनिश्चित रहती है। ऐसे में यह भी संभव है कि किसी अपेक्षाकृत नए या कम चर्चित विधायक को मुख्यमंत्री बना दिया जाए।
नेता के मुताबिक, यह फैसला पूरी तरह केंद्रीय नेतृत्व और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा अमित शाह की रणनीति पर निर्भर करेगा। पार्टी में कई बार ऐसे फैसले पहले भी लिए जा चुके हैं। जिस तरह से मध्य प्रदेश और दिल्ली में हुआ। भाजपा में कुछ भी संभव है।
9 मई को शपथ की संभावना
अगर सब कुछ तय समय पर आगे बढ़ता है तो बंगाल के नए मुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण 9 मई को हो सकता है। अब केवल कुछ ही दिन बचे हैं, ऐसे में भाजपा को जल्द ही अपने मुख्यमंत्री चेहरे की घोषणा करनी होगी।
बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद अब सबसे बड़ी राजनीतिक चर्चा मुख्यमंत्री पद को लेकर है। कई नामों की मौजूदगी और पार्टी की रणनीतिक चुप्पी ने इस सस्पेंस को और बढ़ा दिया है। आने वाले कुछ दिन राज्य की राजनीति की दिशा तय करने वाले साबित हो सकते हैं।