कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव परिणामों के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) का जश्न इस बार सिर्फ राजनीतिक मंच तक सीमित नहीं रहा। भाजपा की जीत का यह जश्न बंगाल की खानपान संस्कृति से भी जुड़ गया। यही वजह है कि झालमुड़ी और मछली-भात जैसे रोजमर्रा के व्यंजन उत्सव का अहम हिस्सा बन गए। भवानीपुर स्थित शेखावत मेमोरियल गर्ल्स स्कूल के बाहर कार्यकर्ताओं के लिए चिकन बिरयानी की व्यवस्था की गई। कोलकाता के सॉल्टलेक स्थित राज्य भाजपा मुख्यालय में दही-कातला, सफेद चावल, मूंग दाल और झुरझुरी आलू भुजिया जैसे पारंपरिक बंगाली व्यंजन परोसे गए।
चुनाव प्रचार के दौरान भोजन भी राजनीतिक विमर्श का हिस्सा बन गया था, जहां झालमुड़ी और मछली-भात को लेकर जमकर चर्चा हुई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने झारग्राम में 10 रुपये की झालमुड़ी खरीदकर सुर्खियां बटोरी थीं। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, वहीं विपक्षी तृणमूल कांग्रेस ने यह मुद्दा उठाया था कि भाजपा की सरकार बनने पर बंगाली खानपान, विशेषकर मछली और मांस, पर असर पड़ सकता है। हालांकि भाजपा नेताओं ने इसका जवाब मछली-भात के साथ प्रचार कर दिया । यह संदेश दिया गया कि खाने-पीने की परंपराओं में कोई बदलाव नहीं होगा।
चुनाव नतीजों के बाद भाजपा ने झालमुड़ी को जश्न के प्रतीक के रूप में देशभर में अपनाया, दिल्ली स्थित दीनदयाल उपाध्याय मार्ग पर केंद्रीय कार्यालय में मीडिया और कार्यकर्ताओं के लिए झालमुड़ी की विशेष व्यवस्था की गई। शाल-पत्तों में झालमुड़ी बांटकर उत्सव मनाया गया। महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, बिहार और ओडिशा के भाजपा कार्यालयों में भी इसी तरह जश्न हुआ। कोलकाता के मुरलीधर सेन लेन स्थित पुराने पार्टी कार्यालय में भी कार्यकर्ताओं ने झालमुड़ी बांटकर खुशी साझा की। वहीं बंगाल में जश्न के दौरान मछली-भात और पारंपरिक भोजन ने खास जगह बनाई, जहां कई नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भोज के साथ जीत का उत्सव मनाया।