अंग और कलिंग के बाद बंग (बंगाल) भी जीत लिया। 208 सीटों पर भाजपा को मिली भारी बहुमत के बाद अब केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के कंधे पर एक बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गयी है। इससे पहले बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान केंद्रीय पर्यवेक्षक की जिम्मेदारी अमित शाह ने ही निभायी थी। अब फिर से एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी अमित शाह को सौंपी गयी है।
कौन होगा बंगाल का अगला या यूं कहें पहला भाजपा मुख्यमंत्री? कौन-कौन बंगाल के नए मंत्रिमंडल में शामिल होगा? सूत्रों की मानें तो इन सबको चुनने की जिम्मेदारी पार्टी ने अमित शाह को सौंपी है। उनकी मदद करेंगे ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहनचरण माझी।
राजनीतिक विशेषज्ञों ने भाजपा के इस फैसले को अभूतपूर्व करार दिया है। मिली जानकारी के अनुसार परिषदीय नेताओं और बंगाल के अगले मुख्यमंत्री का चुनाव करने के लिए एक बार फिर से पार्टी ने अमित शाह पर ही अपना भरोसा जताया है।
Read Also | बंगाल की कुर्सी पर कौन? CM चेहरे को लेकर BJP में सस्पेंस गहराया
वहीं यह तय करेंगे कि विजयी विधायकों में से कौन परिषदीय नेता बनेगा और कौन नवनिर्वाचित भाजपा सरकार का मुखिया यानी मुख्यमंत्री।
जो 9 अप्रैल यानी रवींद्र जयंती (बांग्ला कैलेंडर के हिसाब से 25 वैशाख) को शपथ ग्रहण करेगा। इस वक्त बंगाल में जिस बात को लेकर सबसे अधिक चर्चाएं हो रही हैं, उसमें यह सवाल ही सबसे ज्यादा है कि कौन बनेगा बंगाल का अगला मुख्यमंत्री? क्या चर्चित नामों में से किसी एक व्यक्ति का चयन किया जाएगा या फिर किसी और व्यक्ति के कंधे पर यह जिम्मेदारी सौंपी जाएगी? इसका जवाब देंगे केंद्रीय मंत्री अमित शाह।
गौरतलब है कि भाजपा के साल 2026 के 'मिशन बंगाल' में शुरुआत से ही सक्रिय रूप से अमित शाह शामिल रहे हैं। चुनाव प्रचार से लेकर रणनीति का निर्धारण, पार्टी कार्यकर्ताओं को उत्साहित करने से लेकर पार्टी का घोषणा पत्र तक जारी करने में उनकी सक्रिय भूमिका रही है।
वह लगातार 15 दिनों से अधिक समय तक बंगाल में भी रहे हैं। पिछले 1 महीने के दौरान उन्होंने 29 जनसभाओं को संबोधित किया। इसके साथ ही 11 रोड शो भी किया था। इसलिए अब संभावना जतायी जा रही है कि बंगाल के नए अध्याय की शुरुआत भी अमित शाह के हाथों ही होने वाली है।