मिदनापुर : मंगलवार को विद्यासागर विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग की ओर से ‘हिंदी में रोजगार की संभावनाएं’ विषय पर कार्यशाला एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर चतुर्थ सेमेस्टर के विद्यार्थियों के लिए विदाई समारोह का भी आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत टी. दिव्यांशी और प्रीति सिंह द्वारा सरस्वती वंदना के साथ हुई। स्वागत भाषण देते हुए विभागाध्यक्ष डॉ. प्रमोद कुमार प्रसाद ने कहा कि विश्वविद्यालय केवल सर्टिफिकेट प्रदाता मात्र नहीं होता है बल्कि यह हमारे व्यक्तित्व को गढ़ता भी है। हिंदी में रोजगार की अपार संभावनाएं हैं बशर्तें उसके लिए हम अपनी पात्रता अर्जित करें। विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. संजय जायसवाल ने कहा कि हिंदी पढ़ने वाले विद्यार्थियों के समक्ष असंख्य संभावनाएं हैं।हमें अपनी भाषा ,विषय का ज्ञान और तकनीकी रूप से दक्षता अर्जित करने की जरूरत है।
हिंदी पढ़ने वाले शिक्षक, अनुवादक, राजभाषा अधिकारी, हिंदी सहायक, टाइपिस्ट, दुभाषिए, फ्रीलांसर, रिपोर्टर, एंकर, कंटेंट लेखक आदि में अपना कैरियर बना सकते हैं। विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ. श्रीकांत द्विवेदी ने कहा कि आज आनंद के साथ दुख का भी क्षण है लेकिन यह एक ऐसा समय भी है जब आप अपने अंदर झाँक कर इसकी तलाश करें कि आपको क्या करना है और आप कैसे उसे हासिल कर सकते हैं। विभाग की शोधार्थी उष्मिता गौड़ ने कहा कि आज आपके लिए एक बड़ा दिन है। आपको यह सुनिश्चित करना है कि यह डिग्री आपके लिए महज एक डिग्री तक सीमित न रहे बल्कि इसके सहारे आप अपनी मंजिल प्राप्त करें। रूपेश कुमार यादव ने कहा कि किसी भी क्षेत्र में हम अपनी उपस्थिति तभी दर्ज कर पाते हैं जब हम लगन से उस क्षेत्र में अपना योगदान देते हैं। आज विभाग से विदा हो रहे सभी विद्यार्थी अपने सपनों को साकार करने के लिए ईमानदारी और लगन से प्रयास करें, सफलता जरूर मिलेगी। सुषमा कुमारी ने कहा कि हमें सबसे पहले यह तय करना चाहिए कि हम किस क्षेत्र में जाना चाहते हैं और उसके अनुसार तैयारी करने की दिशा में बढ़ना चाहिए।रिया श्रीवास्तव ने कहा कि आज का दिन आपके लिए दुख भरा जरूर है लेकिन साथ ही यह आपको अपने भविष्य के प्रति सचेत रहने का संकल्प भी है। इस अवसर पर अर्जुन सार्की ने गीत और निसार अहमद, अंजली शर्मा ,रूथ कर ने काव्य पाठ किया। नंदिनी सिंह ने नृत्य प्रस्तुत किया।इस अवसर पर प्रियांशु ठाकुर,रंभा कुमारी, प्रिया मिश्रा,काजल ठाकुर ने विशेष सहयोग दिया।कार्यक्रम का सफल संचालन सुषमा कुमारी,शबाना खातून और प्रिंशु ठाकुर ने किया।