बंगाल में सत्ता परिवर्तन की बयार बह रही है। बहुमत के साथ भाजपा ने विधानसभा चुनाव में जीत हासिल की है। हर बदलाव के साथ पार्टी कार्यकर्ताओं से लेकर बड़े स्तर के नेताओं की सुरक्षा, उनके अपमान की आशंका बढ़ जाती है। सोमवार से ही ऐसी कई खबरें सामने आ चुकी हैं जिसमें दावा किया जा रहा है कि विभिन्न जिलों में लगातार तृणमूल कार्यकर्ताओं पर हमला, पार्टी ऑफिस में आगजनी और तोड़फोड़ की खबरें सामने आ रही हैं।
हालांकि बंगाल में भाजपा के सत्ता में आने के बाद ही पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने पार्टी की स्थिति स्पष्ट कर दी है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा है, 'भाजपा का झंडा हाथ में उठाकर किसी भी राजनीतिक पार्टी के कार्यकर्ता अथवा समर्थक पर हमला नहीं किया जा सकता है।' साथ ही उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर ऐसा हुआ तो उसके खिलाफ पार्टी कड़ी कार्रवाई करेगी।
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उन्होंने आगे कहा, 'मुख्यमंत्री अथवा उनके परिवार के किसी को अपमानित करने पर उसे पार्टी से बहिष्कृत कर दिया जाएगा।' गौरतलब है कि सोमवार (4 मई) को बंगाल विधानसभा चुनाव का परिणाम घोषित किया गया जिसमें भाजपा को स्पष्ट बहुमत मिला।
भाजपा ने 207 सीटों पर जीत हासिल की है वहीं तृणमूल ने 80 सीटों पर। इसके बाद से ही विभिन्न जगहों से तृणमूल के पार्टी ऑफिस में तोड़फोड़, आगजनी से लेकर कार्यकर्ताओं को पीटने की शिकायतें भी सामने आ रही हैं। इसके बाद से ही एक बार फिर से चुनाव के बाद हिंसा की आशंका जतायी जा रही है।
अब पार्टी की स्थिति को स्पष्ट करते हुए शमिक भट्टाचार्य ने स्पष्ट संदेश दिया है कि भाजपा के बैनर तले कोई भी राजनीतिक हिंसा बर्दास्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि स्पष्ट रूप से सभी को एक बात बता रहा हूं, अगर किसी भी तृणमूल ऑफिस पर आक्रमण किया गया, मुख्यमंत्री या मुख्यमंत्री के परिवार के खिलाफ, उनके घर के सामने खड़े होकर अगर असभ्य भाषा का इस्तेमाल किया गया तो उसे पार्टी से निकाल दिया जाएगा। यह अधिकार मेरी पार्टी के संविधान ने मुझे दिया है।
उन्होंने आगे कहा कि किसी भी प्रकार की राजनीतिक हिंसा होने पर प्रशासन उसे देखेगी।
उन्होंने कहा कि कहीं भी हिंसा होने पर प्रशासन रंग के बारे में नहीं सोचती। सॉल्टलेक के भाजपा कार्यालय से केंद्रीय राज्यमंत्री सुकांत मजूमदार ने भी यहीं कहा। उन्होंने कहा कि भाजपा भाजपा बनकर ही रहना चाहती है। तृणमूल नहीं बनना चाहती। तृणमूल को लोगों ने नकार दिया है। उनकी तरह व्यवहार न करें। हम जानते हैं साल 2018 से लेकर अब तक भाजपा के कार्यकर्ताओं पर कितना अत्याचार हुआ है। हम कहेंगे कि धैर्य रखिए। पुलिस जांच करेगी। तृणमूल के जूतों में पैर मत डालिए।