मंगलवार को तृणमूल के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने चुनाव नतीजों पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि EVM में गड़बड़ी भले ही पैदा न की जा सकती हो लेकिन उन्हें बदली तो जा सकती है। साथ ही उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनावों में इस्तेमाल हुई इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (EVM) में कथित गड़बड़ियों की जांच के लिए एक फैक्ट-फाइंडिंग कमेटी का गठन भी किया जाएगा।
अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाते हुए कहा कि मतदान में इस्तेमाल हुई EVM को काउंटिंग टेबल पर जब जांचा गया तो उनके सीरियल नंबर फॉर्म 17C में दर्ज रिकॉर्ड से मेल नहीं खाते थे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि 12 घंटे तक इस्तेमाल हुई अधिकांश EVM में 92 से 95 प्रतिशत तक बैटरी बचा हुआ था।
सांसद ने वोटों की लूट का आरोप लगाते हुए दावा किया कि मैं आपको काउंटिंग सेंटरों से ऐसे 100 सीसीटीवी फुटेज दे सकता हूं और चुनाव आयोग को कम से कम 10 ऐसे फुटेज जारी करने चाहिए। उन्होंने काउंटिंग सेंटरों की पूरे दिन की फुटेज और खासकर दोपहर 12 बजे से शाम 6 बजे तक की सार्वजनिक करने की मांग की।
अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाते हुए कहा कि मतगणना केंद्रों में राज्य सरकार के कोई प्रतिनिधि मौजूद नहीं था। काउंटिंग ऑब्जर्वर और माइक्रो-ऑब्जर्वर सभी केंद्र सरकार द्वारा नियुक्त थे। चुनाव आयोग ने अपने ही रिटर्निंग अधिकारियों को नियुक्त किया था। राज्य सरकार के अधिकारियों को हटाकर अपने चुने हुए लोगों को लगाया गया था। इसके अलावा परिसर की सुरक्षा पूरी तरह अर्धसैनिक बलों के हवाले थी।
VIDEO | West Bengal Polls: TMC MP Abhishek Banerjee (@abhishekaitc) suspects replacements of EVMs, looting of votes.#WestBengal #WestBengalPolls pic.twitter.com/PJa1jbhjn1
— Press Trust of India (@PTI_News) May 5, 2026
अभिषेक बनर्जी सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लंघन का आरोप लगाते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि राज्य और केंद्र दोनों सरकारों के कर्मचारियों की मौजूदगी जरूरी है। लेकिन मतगणना केंद्रों पर सिर्फ केंद्र सरकार के कर्मचारी ही मौजूद थे।
गौरतलब है कि अभिषेक बनर्जी की यह टिप्पणी राज्य में भाजपा को मिले बहुमत के बाद आयी है। निवर्तमान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इसे जनादेश नहीं बल्कि साजिश करार देते हुए मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने से इनकार कर दिया है।