चंडीगढ़ः चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर मंगलवार को इंडिगो (IndiGo) की एक फ्लाइट में उस समय हड़कंप मच गया जब एक यात्री का पावर बैंक अचानक आग पकड़ बैठा और पूरे केबिन में धुआं फैल गया। यह घटना हैदराबाद से चंडीगढ़ पहुंचे एयरबस ए321 (Airbus A321) (फ्लाइट 6E-108) के लैंड करने के तुरंत बाद टैक्सी करते समय हुई। जानकारी के अनुसार, सीट 39C पर बैठे यात्री ने अपना पावर बैंक सीट के सामने बने पॉकेट में रखा हुआ था, जहां से पहले धुआं निकलना शुरू हुआ और फिर उसमें आग लग गई।
धुआं फैलते ही यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई और कई लोग घबरा गए। स्थिति को देखते हुए विमान को तुरंत बे पर रोक दिया गया। डिरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एवियेशन (Directorate General of Civil Aviation- DGCA) के अनुसार, केबिन क्रू ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दो फायर एक्सटिंग्विशर की मदद से आग पर काबू पाया। हालांकि तब तक केबिन में काफी धुआं भर चुका था, जिससे यात्रियों में डर और तनाव का माहौल बन गया।
सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए विमान के सभी छह इमरजेंसी स्लाइड्स को खोल दिया गया और 200 से अधिक यात्रियों को तुरंत बाहर निकाला गया। विमान में कुल यात्रियों और क्रू मेंबर्स की संख्या 200 से ज्यादा बताई जा रही है, जिसमें 6 क्रू सदस्य शामिल थे। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी यात्री की जान को नुकसान नहीं हुआ, लेकिन निकासी के दौरान कुछ लोग हल्के रूप से घायल हो गए।
एक यात्री के अनुसार, उनकी पत्नी को इमरजेंसी स्लाइड से उतरते समय गंभीर चोट लगी और उन्हें जिरकपुर के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने जांच के बाद बताया कि उनके पैर में फ्रैक्चर है और संभवतः सर्जरी करनी पड़ सकती है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि केबिन क्रू ने यात्रियों को शांत रखने की पूरी कोशिश की, लेकिन धुएं और आग की वजह से स्थिति तनावपूर्ण बनी रही।
इंडिगो की ओर से जारी बयान में कहा गया कि विमान के लैंड करने के बाद एक यात्री के निजी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण में आग लगने की सूचना मिली थी। यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए तुरंत इमरजेंसी निकासी कराई गई और सभी यात्रियों को सुरक्षित टर्मिनल तक पहुंचाया गया, जहां उनकी देखभाल की जा रही है।
गौरतलब है कि इस तरह की घटनाओं को देखते हुए DGCA पहले ही एयरलाइंस को पावर बैंक और लिथियम बैटरी से जुड़े उपकरणों के इस्तेमाल को लेकर सतर्क रहने के निर्देश दे चुका है। नवंबर 2024 में जारी एक एडवाइजरी में उड़ान के दौरान पावर बैंक से डिवाइस चार्ज करने पर रोक लगाने की सलाह दी गई थी, क्योंकि लिथियम बैटरियों में आग लगने का खतरा बना रहता है।
यह घटना एक बार फिर हवाई यात्रा के दौरान इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के सुरक्षित उपयोग को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है और बताती है कि छोटी सी लापरवाही भी बड़े खतरे का कारण बन सकती है।