जयपुर : इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में राजस्थान रॉयल्स एक बार फिर बड़े विवाद के केंद्र में आ गई है। टीम के युवा खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं जिन पर कानूनी कारवाई की धमकी तक दी गई है।
बाल श्रम जैसे आरोप लगाकर विवाद की शुरुआत
समाजसेवी सी. एम. शिवकुमार नायक ने आरोप लगाया है कि मात्र 15 वर्ष की उम्र में वैभव सूर्यवंशी को आईपीएल जैसे पेशेवर टूर्नामेंट में खेलाना गलत है। उनका कहना है कि यह स्थिति ‘बाल श्रम’ के दायरे में आती है।
उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा की इस 15 साल के बच्चे का इस्तेमाल किया जा रहा है। इतनी कम उम्र में उसे पेशेवर क्रिकेट नहीं खेलना चाहिए, उसे स्कूल में होना चाहिए।
उन्होंने आगे कहा की मैं इस घटना का कड़ा विरोध करता हूं और राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ कानूनी कारवाई करूंगा। यह बाल अधिकार कानून का उल्लंघन है।
मैदान पर शानदार प्रदर्शन
विवाद के बीच वैभव सूर्यवंशी लगातार अपने प्रदर्शन से चर्चा में बने हुए हैं। इस सीजन में उन्होंने 10 मैचों में 404 रन बनाए हैं और उनका स्ट्राइक रेट 237 से अधिक रहा है।
वे पहले ही आईपीएल इतिहास के सबसे कम उम्र के शतकवीर बन चुके हैं और इस सीजन में उन्होंने अपना दूसरा शतक भी पूरा किया है। उनके प्रदर्शन ने राजस्थान रॉयल्स को अंक तालिका में शीर्ष चार में बनाए रखने में अहम भूमिका निभाई है।
सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया
इस विवाद पर सोशल मीडिया पर भी तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। कई प्रशंसकों ने समाजसेवी के आरोपों को गलत बताया है। कुछ लोगों ने याद दिलाया कि क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर ने भी बहुत कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलना शुरू किया था।
कुछ यूजर्स का कहना है कि यह पूरी तरह गलत तुलना है और आईपीएल एक पेशेवर क्रिकेट लीग है न कि कोई श्रम शोषण व्यवस्था। वहीं कई लोगों ने यह भी कहा कि अंडर-19 विश्व कप जैसे टूर्नामेंट में भी इसी उम्र के खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं।
कुल मिलाकर वैभव सूर्यवंशी को लेकर विवाद भले ही बढ़ता जा रहा हो लेकिन मैदान पर उनका प्रदर्शन ही सबसे बड़ा जवाब बनकर सामने आ रहा है।