नई दिल्ली : 3 मई को भारत की प्रसिद्ध महिला पहलवान विनेश फोगाट ने रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण सिंह के खिलाफ यौन उत्पीड़न का आरोप लगाकर चर्चा में आई थीं। उनके सोशल मीडिया पोस्ट ने खेल प्रेमियों के बीच तीखी प्रतिक्रिया पैदा की थी। अब एक नए विवाद में खुद विनेश का नाम सामने आया है। डोपिंग नियमों के उल्लंघन के आरोप में उन्हें नोटिस मिला है। इस संबंध में इंटरनेशनल टेस्टिंग एजेंसी (आईटीए) ने उन्हें कड़े शब्दों में चेतावनी दी है। 2025 में बेंगलुरु में हुए एक डोप टेस्ट में अनुपस्थित रहने के कारण विनेश मुश्किल में पड़ गई हैं।
क्यों विवाद में आईं विनेश फोगाट?
18 दिसंबर 2025 को बेंगलुरु में एक आउट-ऑफ-कंपटीशन डोप टेस्ट के दौरान विनेश फोगाट मौजूद नहीं थीं। आईटीए ने उन्हें ‘व्हेयरअबाउट्स रूल’ के तहत चेतावनी जारी की है। एजेंसी के नोटिस में कहा गया है कि नियमित एंटी-डोपिंग प्रक्रिया के तहत प्रतियोगिता से बाहर भी इस तरह के टेस्ट किए जाते हैं। इन परीक्षणों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना होता है कि खिलाड़ी द्वारा पहले से दी गई लोकेशन पर वह वास्तव में मौजूद है या नहीं। लेकिन तय दिन पर अधिकारी उस स्थान पर पहुंचे तो विनेश वहां नहीं मिलीं।
इस मामले पर विनेश ने बताया कि 18 दिसंबर को वह हरियाणा विधानसभा के शीतकालीन सत्र में भाग लेने के लिए बेंगलुरु से चंडीगढ़ जा रही थीं। इसके साथ ही हाल ही में बच्चे के जन्म के कारण व्यस्तता के चलते वह समय पर अपनी लोकेशन अपडेट नहीं कर सकीं।
गौरतलब है कि ‘व्हेयरअबाउट्स रूल’ के अनुसार टेस्टिंग पूल में शामिल खिलाड़ियों को हर समय अपनी लोकेशन एंटी-डोपिंग एजेंसियों को बतानी होती है ताकि कभी भी अचानक परीक्षण किया जा सके। यदि खिलाड़ी निर्धारित स्थान पर नहीं मिलता तो इसे नियम का उल्लंघन माना जाता है।
विनेश फोगाट को 7 मई तक इस नोटिस का जवाब देने के लिए कहा गया है। अधिकारियों के अनुसार पिछले एक वर्ष में यह उनका पहला ‘व्हेयरअबाउट्स’ उल्लंघन है। फिलहाल उन्हें केवल चेतावनी दी गई है लेकिन यदि 12 महीनों के भीतर तीन बार ऐसी अनुपस्थिति या जानकारी देने में विफलता होती है तो उन्हें दो साल के निलंबन का सामना करना पड़ सकता है।