वॉशिंगटन : अमेरिकी सेना ने ओमान की खाड़ी में इरानी ध्वजवाहक एक ईंधन टैंकर को निशाना बनाकर गोलियां चलाई। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के अनुसार यह हमला इसलिए किया गया क्योंकि इरान ने अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी का उल्लंघन किया। बुधवार को यह कार्रवाई की गई। इसी बीच इजरायल ने लेबनान के साथ संघर्षविराम के बाद पहली बार बेइरुत में हवाई हमला किया।
डोनाल्ड ट्रम्प ने इरान के साथ युद्ध समाप्त करने की शर्तें भी स्पष्ट की हैं। उनके अनुसार अगर इरान अमेरिका द्वारा दिया गया प्रस्ताव स्वीकार कर लेता है, तो युद्ध खत्म हो जाएगा। साथ ही, हॉर्मुज जलडमरूमध्य और इरान पर लगी नौसैनिक नाकाबंदी हटा दी जाएगी और इसे सभी के लिए खुला कर दिया जाएगा।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार ओमान की खाड़ी में इरानी ध्वजवाहक टैंकर एमटी हसन अमेरिकी नाकाबंदी को तोड़ते हुए एक इरानी बंदरगाह की ओर जा रहा था। कई बार चेतावनी देने के बावजूद इरान ने इसे नजरअंदाज किया। इसके बाद अमेरिकी नौसेना ने एक जेट से टैंक पर गोलियां चलाई और इसे अक्षम कर दिया। सेंट्रल कमांड ने यह भी कहा कि इरानी बंदरगाह में प्रवेश या प्रस्थान करने वाले जहाजों पर अमेरिकी नाकाबंदी पूरी तरह लागू है।डोनाल्ड ट्रम्प ने भी “ट्रुथ सोशल” पर इस हमले की जानकारी साझा की।
वही लेबनान के साथ संघर्षविराम के दौरान बेइरुत में इजरायली सेनाओं ने हवाई हमले किए। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहु ने कहा कि हमले का लक्ष्य एक शीर्ष हिज़बुल्लाह कमांडर था। इजरायली मीडिया ने दावा किया कि बुधवार के हमले में वह कमांडर मारा गया। हालांकि इजरायली सेना की ओर से इस पर आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। साथ ही इजरायल ने पूर्वी लेबनान में भी हमले किए। लेबनान के अधिकारियों के अनुसार बुधवार के हमलों में कम से कम 13 लोग मारे गए।