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चंद्रनाथ रथ हत्याकांड: क्या शुभेंदु अधिकारी थे टारगेट? जांच में उठे कई सवाल

मध्यमग्राम में हुए गोलीकांड को पुलिस ने बताया सुनियोजित हमला, कई बाइक और संदिग्ध कार से हुई थी घेराबंदी।

By श्वेता सिंह

May 07, 2026 11:27 IST

कोलकाताः पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के बाद राजनीतिक माहौल के बीच बुधवार रात उत्तर 24 परगना के मध्यमग्राम इलाके में हुई सनसनीखेज फायरिंग ने पूरे राज्य को हिला दिया। भाजपा नेता और विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी (Suvendu Adhikari) के पीए चंद्रनाथ रथ की गोली मारकर हत्या कर दी गई। घटना के बाद राज्य की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है।

बताया जा रहा है कि चंद्रनाथ रथ रात में कोलकाता से मध्यमग्राम स्थित अपने फ्लैट लौट रहे थे। वह पश्चिम बंगाल विधानसभा का बोर्ड लगी सफेद स्कॉर्पियो गाड़ी में सवार थे। गाड़ी उनके चालक बुद्धदेव बेरा चला रहे थे। दोहारिया इलाके के पास अचानक कई बाइक सवार बदमाशों ने उनकी गाड़ी को घेर लिया और बेहद करीब से ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं। गंभीर रूप से घायल चंद्रनाथ को पास के नर्सिंग होम ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। चालक बुद्धदेव बेरा भी हमले में घायल हुए हैं और उनका इलाज जारी है।

फिल्मी अंदाज में हुई वारदात

जांच में सामने आया है कि हमलावर पूरी तैयारी के साथ पहुंचे थे। पुलिस सूत्रों के मुताबिक कम से कम चार मोटरसाइकिलों पर सवार आठ बदमाश वारदात में शामिल थे। सभी ने हेलमेट पहन रखे थे और बाइक पर नंबर प्लेट नहीं थी।

प्रारंभिक जांच में यह भी पता चला है कि एक संदिग्ध कार ने स्कॉर्पियो का रास्ता रोका था, जिसके बाद बाइक सवार हमलावरों ने फायरिंग शुरू की। पुलिस ने उस संदिग्ध वाहन को जब्त कर लिया है, हालांकि अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। पश्चिम बंगाल पुलिस को घटनास्थल से जिंदा कारतूस और इस्तेमाल किए गए खोखे मिले हैं। जांच एजेंसियां आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही हैं।

क्या असली निशाना थे शुभेंदु अधिकारी?

जांच अधिकारियों के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि हमला केवल चंद्रनाथ रथ को निशाना बनाकर किया गया या फिर हमलावरों को शक था कि गाड़ी में शुभेंदु अधिकारी (Suvendu Adhikari) भी मौजूद हो सकते हैं। सूत्रों के अनुसार, चंद्रनाथ रथ लंबे समय से शुभेंदु अधिकारी के बेहद करीबी माने जाते थे और उनके कई राजनीतिक तथा संगठनात्मक कामकाज संभालते थे। इस वजह से जांच एजेंसियां हमले के राजनीतिक एंगल की भी पड़ताल कर रही हैं।

पेशेवर शूटरों पर शक

पुलिस को शक है कि हमला पेशेवर शूटरों द्वारा किया गया। शुरुआती जांच में सामने आया है कि हमलावरों ने संभवतः ग्लॉक 47X पिस्टल का इस्तेमाल किया, जो आम अपराधियों के पास आसानी से उपलब्ध नहीं होती। राज्य पुलिस के कार्यवाहक डीजी सिद्धिनाथ गुप्ता ने बताया कि जिस वाहन ने स्कॉर्पियो का रास्ता रोका था, उसका नंबर प्लेट फर्जी पाया गया है। पुलिस अब वाहन और हमलावरों के नेटवर्क की जांच कर रही है।

हत्या के बाद सियासी घमासान

घटना के तुरंत बाद भाजपा नेताओं का मध्यमग्राम में जमावड़ा लग गया। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य, केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार (Sukanta Majumdar), अर्जुन सिंह और अग्निमित्रा पाल सहित कई नेता मौके पर पहुंचे। भाजपा ने इस हत्या को राजनीतिक साजिश करार देते हुए राज्य सरकार पर निशाना साधा। वहीं तृणमूल कांग्रेस (All India Trinamool Congress) ने भी घटना की निंदा की और अदालत की निगरानी में सीबीआई जांच की मांग की। सीपीएम नेता सुजन चक्रवर्ती ने भी इस हत्या को “बेहद दुखद और योजनाबद्ध अपराध” बताया।

सड़क पर उतरे समर्थक

हत्या की खबर फैलते ही भाजपा समर्थक बड़ी संख्या में सड़कों पर उतर आए। जेसोर रोड और आसपास के इलाकों में प्रदर्शन और नारेबाजी हुई। प्रदर्शनकारियों ने आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और कड़ी कार्रवाई की मांग की। हालात को नियंत्रित करने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है।

कौन थे चंद्रनाथ रथ?

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, रहड़ा रामकृष्ण मिशन के छात्र चंद्रनाथ ने वर्ष 2000 में माध्यमिक परीक्षा पास की थी। इसके बाद उन्होंने भारतीय वायुसेना में शॉर्ट टर्म सर्विस के तहत काम किया। सेना से सेवानिवृत्ति के बाद वे शुभेंदु अधिकारी (Suvendu Adhikari) के निजी सहायक के रूप में नियुक्त हुए। मूल रूप से वे पूर्व मेदिनीपुर के रहने वाले थे, लेकिन लंबे समय से उत्तर 24 परगना के मध्यमग्राम इलाके में रह रहे थे।

वे विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी के सभी कार्यों की देखरेख करते थे। भाजपा के एक सूत्र के अनुसार, दक्षिण कोलकाता के भवानीपुर में चुनाव के दौरान जो टीम शुभेंदु अधिकारी के लिए काम कर रही थी, उसमें चंद्रनाथ भी शामिल थे।

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