नयी दिल्लीः इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने बुधवार को जानकारी दी कि नया आधार ऐप लॉन्च होने के केवल तीन महीनों के भीतर 2.1 करोड़ से अधिक डाउनलोड का आंकड़ा पार कर चुका है। मंत्रालय ने इसे डिजिटल पहचान सेवाओं को लेकर लोगों के बढ़ते भरोसे और तेजी से बढ़ती स्वीकार्यता का संकेत बताया है।
मंत्रालय द्वारा जारी बयान के अनुसार आधार ऐप को आम लोगों से मजबूत प्रतिक्रिया मिल रही है और यह तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। सरकार का कहना है कि इस प्लेटफॉर्म ने कई जरूरी सेवाओं को सीधे लोगों की पहुंच में ला दिया है, जिससे दैनिक कामकाज पहले की तुलना में अधिक आसान हो गया है।
बयान में बताया गया कि बड़ी संख्या में लोग अब मोबाइल नंबर और पते को अपडेट करने जैसी सेवाओं के लिए आधार केंद्रों के चक्कर लगाने के बजाय ऐप का इस्तेमाल कर रहे हैं। अब तक 28 लाख से ज्यादा लोगों ने नए आधार ऐप के जरिए अपना मोबाइल नंबर अपडेट किया है, जबकि लगभग 6 लाख उपयोगकर्ताओं ने ऐप के माध्यम से पता अपडेट कराया है।
मंत्रालय ने आधार ऐप को “अगली पीढ़ी का मोबाइल एप्लिकेशन” बताया है। इसके अनुसार यह ऐप आधार धारकों को अपनी पहचान सुरक्षित तरीके से साथ रखने, दिखाने, साझा करने और सत्यापित करने का सुविधाजनक तथा गोपनीयता-केंद्रित माध्यम उपलब्ध कराता है।
सरकार का कहना है कि ऐप का लगातार बढ़ता उपयोग न केवल लोगों के विश्वास को दर्शाता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि आधार से जुड़ी सेवाएं अब पहले की तुलना में अधिक सुलभ और उपयोगकर्ता-अनुकूल बन रही हैं। मंत्रालय के मुताबिक इससे आधार संख्या धारकों के लिए “ईज ऑफ लिविंग” को बढ़ावा मिल रहा है।
नए आधार ऐप में डिजिटल पहचान और गोपनीयता से जुड़े कई आधुनिक फीचर भी शामिल किए गए हैं। इनमें फेस वेरिफिकेशन के जरिए उपस्थिति प्रमाणित करना, बायोमेट्रिक लॉक और अनलॉक सुविधा, ऑथेंटिकेशन हिस्ट्री ट्रैकिंग और क्यूआर कोड आधारित एडिटेबल कॉन्टैक्ट कार्ड जैसे फीचर मौजूद हैं। इस कॉन्टैक्ट कार्ड का इस्तेमाल पारंपरिक विजिटिंग कार्ड के विकल्प के रूप में किया जा सकता है।
मंत्रालय के अनुसार ऐप को रोजमर्रा की कई जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इसका उपयोग होटल चेक-इन, अस्पताल में भर्ती प्रक्रिया, विजिटर मैनेजमेंट, इवेंट एंट्री और गिग वर्कर्स तथा सर्विस पार्टनर्स की पहचान सत्यापन जैसे कई कार्यों में किया जा सकता है।
सरकार ने बताया कि ऑफलाइन वेरिफिकेशन सीकिंग एंटिटी (ओवीएसई) के क्यूआर कोड स्कैनिंग के जरिए होटल चेक-इन जैसी सेवाएं भी इस ऐप से संभव हैं। इसके अलावा आयु सत्यापन, अस्पतालों में प्रवेश प्रक्रिया, आगंतुक प्रबंधन और विभिन्न आयोजनों में एंट्री मैनेजमेंट जैसे उपयोग भी तेजी से बढ़ रहे हैं।