कोलकाता: पश्चिम बंगाल में पहली बार बीजेपी की सरकार बनने जा रही है। बीजेपी ने बंगाल की 294 में से 207 सीटों पर जीत हासिल की है। इस बार बीजेपी की आंधी में टीएमसी के बड़े-बड़े नेता हार गए. खुद ममता बनर्जी भवानीपुर सीट से हार गईं। बीजेपी की इस पहली सरकार में क्या शुभेंदु अधिकारी ही 'सत्ता के अधिकारी' होंगे। माना जा रहा है कि वे मुख्यमंत्री बन सकते हैं लेकिन मुख्यमंत्री के दौर में और भी लोगों के नाम उभऱकर आ रहे हैं।
जानकारी के मुताबिक, 8 मई को बंगाल के नए बीजेपी विधायकों की बैठक होगी। इस बैठक में गृह मंत्री अमित शाह मौजूद रहेंगे। इसी बैठक में शुभेंदु अधिकारी को विधायक दल का नेता चुना जाएगा। बताया जा रहा है कि बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ही शुभेंदु अधिकारी के नाम का प्रस्ताव रख सकते हैं और फिर अमित शाह उनके विधायक दल का नेता चुने जाने का ऐलान करेंगे।
वैसे तो जिस दिन बंगाल चुनाव के नतीजे आए और बीजेपी की जीत तय हो गई, तभी से शुभेंदु अधिकारी मुख्यमंत्री की रेस में सबसे आगे आ गए थे लेकिन बीजेपी के ट्रैक रिकॉर्ड को देखते हुए लग रहा था कि पार्टी किसी नए चेहरे को मौका दे सकती है। हालांकि, शुभेंदु अधिकारी के सामने कोई नहीं टिका।
ममता बनर्जी को दो बार हराने का रिकॉर्ड
शुभेंदु अधिकारी ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी को लगातार दो बार हराया है। 2021 के बाद 2026 में भी शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी को हरा दिया।
लेकिन पूर्व बीजेपी अध्यक्ष दिलीप घोष, मौजूदा बंगाल बीजेपी अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य का नाम भी उछला है। साथ ही महिला चेहरों में महाभारत की रूपा गांगुली और फैशन डिजाइनर का पेशा छोड़ राजनीति में आईं अग्निमित्रा पॉल का नाम भी आ रहा है।
अग्निमित्रा तेजतर्रार नेताओं में
अग्निमित्रा पॉल की छवि आक्रामक तेजतर्रार महिला नेताओं में होती है, जो ममता बनर्जी की तरह उनकी फायरब्रांड छवि को मजबूत करती है। अग्निमित्रा पॉल BJP की कद्दावर नेताओं में से उभरी हैं। वो आसनसोल दक्षिण (Asansol Dakshin) चुनाव क्षेत्र से विधायक हैं। उन्होंने आसनसोल दक्षिण सीट से तृणमूल कांग्रेस के तापस बनर्जी को 40,839 वोटों के भारी अंतर से हराया। उन्हें इसी साल जनवरी में पश्चिम बंगाल भाजपा की उपाध्यक्ष बनाया गया। इससे पहले अग्निमित्रा भाजपा की महासचिव और भाजपा महिला मोर्चा की अध्यक्ष भी रह चुकी हैं। विधानसभा चुनाव में उन्होंने 2021 के टीएमसी की सायोनी घोष को हराकर पहली बार विधानसभा में प्रवेश किया था।
दिलीप घोष संगठन के सूरमा
दिलीप घोष पश्चिम बंगाल भाजपा के जमीनी नेताओं में से एक हैं। घोष 2015 से 2021 तक बंगाल भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रहे। घोष के नेतृत्व में पार्टी ने 2019 के लोकसभा चुनाव में 18 सीटें जीतने के बाद और 2021 के विधानसभा चुनाव में 77 सीटें हासिल कीं। उन्होंने इस चुनाव में खड़गपुर सदर सीट से चुनाव जीता। वो भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रह चुके हैं। उन्हें बंगाल में भाजपा के संगठन को मजबूत करने के साथ कैडर विस्तार करने का श्रेय दिया जाता है।
शमिक भट्टाचार्य
शमिक भट्टाचार्य पश्चिम बंगाल भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद हैं। शमिक भट्टाचार्य 1971 में RSS से जुड़े थे और 1980 के दशक में भाजपा में शामिल हुए। वो 2014 में बशीरहाट दक्षिण से उपचुनाव जीतकर बंगाल विधानसभा पहुंचने वाले भाजपा के दूसरे नेता थे। बंगाली भद्रलोक में शमिक भट्टाचार्य को कुशल रणनीतिकार, मृदुभाषी और वैचारिक रूप से प्रखर वक्ता माना जाता है। बंगाल में पार्टी नेताओं में एकजुटता का श्रेय उन्होंने दिया जाता है। बीजेपी काडर में जीत का भरोसा पैदा करने में उनकी अहम भूमिका रही।