कोलकाताः पश्चिम बंगाल में नेता प्रतिपक्ष और भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी (Suvendu Adhikari) के करीबी सहयोगी चंद्रनाथ की हत्या के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। राज्यसभा सांसद और वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल (Kapil Sibal) ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि राजनीति में हिंसा के लिए कोई स्थान नहीं है।
सिब्बल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि शुभेंदु अधिकारी के प्रमुख सहयोगी चंद्रनाथ की गोली मारकर हत्या कर दी गई और ऐसी हिंसक घटनाएं लोकतांत्रिक राजनीति के लिए बेहद चिंताजनक हैं।
मध्यमग्राम में हुई वारदात, अस्पताल में तोड़ा दम
जानकारी के अनुसार, चंद्रनाथ पर बुधवार को मध्यमग्राम के पास अज्ञात हमलावरों ने गोली चलाई थी। गंभीर रूप से घायल अवस्था में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हमलावरों ने बेहद करीब से गोली चलाई, जिससे घटना के सुनियोजित होने की आशंका जताई जा रही है। चश्मदीदों का कहना है कि हमला अचानक नहीं बल्कि पहले से तय योजना के तहत किया गया प्रतीत होता है।
शुभेंदु अधिकारी ने कहा- यह पूर्व नियोजित हत्या
घटना के बाद शुभेंदु अधिकारी (Suvendu Adhikari) ने इसे “कोल्ड ब्लडेड” और पूरी तरह पूर्व नियोजित हत्या बताया। उन्होंने कहा कि पुलिस महानिदेशक ने भी शुरुआती जांच में इस दिशा में संकेत दिए हैं कि हमलावरों ने वारदात से पहले कई दिनों तक इलाके की रेकी की थी। शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि पार्टी इस घटना से स्तब्ध है और दोषियों को कानून के दायरे में लाने के लिए जांच जारी है। उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं से शांति बनाए रखने की अपील भी की।
भाजपा नेतृत्व ने ली जानकारी
भाजपा नेता ने बताया कि केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार (Sukanta Majumdar) ने मृतक के परिवार और पुलिस अधिकारियों से बातचीत कर घटना की जानकारी ली। पार्टी के कई विधायक और नेता भी पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे।
शुभेंदु अधिकारी ने राज्य की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह घटना लंबे समय से चल रहे “जंगलराज” का परिणाम है।
पुलिस जांच में जुटी, मौके से बरामद हुए कारतूस
पश्चिम बंगाल पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी है। पुलिस ने जांच के सिलसिले में एक वाहन जब्त किया है। पश्चिम बंगाल के डीजीपी सिद्ध नाथ गुप्ता के अनुसार घटनास्थल से जिंदा कारतूस और इस्तेमाल किए गए खोखे बरामद किए गए हैं।
पुलिस अब हमलावरों की पहचान और हत्या के पीछे की साजिश का पता लगाने में जुटी है।