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आर्सेनल ने अतलेटिको मैड्रिड को हराकर यूईएफए चैंपियंस लीग फाइनल में बनाई जगह

साका के गोल से आर्सेनल की जीत, 20 साल बाद चैंपियंस लीग फाइनल में वापसी।

लंदन : आर्सेनल ने ‘स्टैंडर्ड फुटबॉल’ के दम पर एक बार फिर बड़ा प्रदर्शन करते हुए यूईएफए चैंपियंस लीग के फाइनल में जगह बना ली जहां अब वह ‘द गनर्स’ के रूप में खिताबी मुकाबले में उतरने के लिए तैयार है। दूसरी ओर अतलेटिको मैड्रिड को सेमीफाइनल के दूसरे लेग में लंदन के मैदान पर 0-1 से हार का सामना करना पड़ा और इसी के साथ उसका सफर यहीं खत्म हो गया।

मैच के बाद एमिरेट्स स्टेडियम के एक हिस्से में स्पेनिश कोरस गूंजता रहा जिसका अर्थ था-'अतलेटिको, अतलेटिको, अतलेटिको डी मैड्रिड, खेलो, जीतो, तुम सर्वश्रेष्ठ की तरह लड़ते हो, इसलिए प्रशंसक हमेशा भावनाओं से भर जाते हैं।' हार के बावजूद स्पेनिश टीम के खिलाड़ी, कोच और समर्थकों ने पूरे फुटबॉल जगत का दिल जीत लिया। करीब ढाई हजार अतलेटिको समर्थक लंदन में मौजूद थे और हार के बाद भी उन्होंने अपने खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाना जारी रखा।

यह वही क्लब है जिसने तीन बार फाइनल में पहुंचने के बावजूद कभी चैंपियंस लीग नहीं जीती। लगभग दस साल बाद फिर एक बार ट्रॉफी तक पहुंचने का मौका उनके सामने था लेकिन इस बार भी उन्हें सेमीफाइनल से बाहर होना पड़ा जिस पर रेफरी के फैसलों को लेकर विवाद भी खड़ा हुआ। अतलेटिको को दो संभावित पेनल्टी से वंचित किए जाने की बात सामने आई। इसके बावजूद टीम के शांत स्वभाव के लिए पहचाने जाने वाले कोच डिएगो सिमेओने ने हार को लेकर कोई बहाना नहीं बनाया और प्रेस वार्ता में आर्सेनल को बधाई दी।

इसी दौरान यह भी सामने आया कि आर्सेनल के टीम होटल के बाहर अतलेटिको समर्थकों की ओर से पटाखे फोड़कर खिलाड़ियों की नींद में खलल डाला गया था जिसमें एंटोनी ग्रिएजमैन और जूलियन अल्वारेज जैसे खिलाड़ी शामिल थे।

दूसरी ओर आर्सेनल भी इस टूर्नामेंट का खिताब कभी नहीं जीत सका है। 2006 के बाद यह पहली बार है जब क्लब फाइनल में पहुंचा है। 20 साल बाद फाइनल में पहुंचने की खुशी में टीम के स्पेनिश कोच मिकेल आर्तेता भावुक नजर आए और मैच खत्म होते ही खिलाड़ियों के साथ मैदान में जश्न मनाने लगे। उन्होंने बुकायो साका सहित पूरी टीम के साथ खुशी साझा की।

आर्सेनल पिछले छह सीजन से मिकेल आर्तेता के नेतृत्व में खेल रहा है और इस दौरान केवल एक एफए कप के अलावा कोई बड़ा ट्रॉफी नहीं जीत सका है लेकिन इस बार टीम ‘डबल’ की दौड़ में है-प्रिमियर लीग में भी आगे है और चैंपियंस लीग फाइनल से एक कदम दूर है।

आर्सेनल की सफलता का आधार ‘स्टैंडर्ड फुटबॉल’ माना जा रहा है जिसमें मजबूत डिफेंस, गेंद पर नियंत्रण और हाई प्रेसिंग शामिल है। इस सीजन में टीम ने नौ मैचों में क्लीन शीट रखते हुए लगातार 14 मैचों तक अजेय रहने का रिकॉर्ड बनाया है। यह उपलब्धि केवल रियल मैड्रिड जैसी शीर्ष टीमों ने ही हासिल की थी।

मैच में पहले लेग में 1-1 से बराबरी के बाद दूसरे लेग में दोनों टीमों ने गोल न खाने की रणनीति अपनाई लेकिन पहले हाफ के ठीक पहले बुकायो साका ने गोल कर आर्सेनल को बढ़त दिला दी। दूसरे हाफ में विवाद तब बढ़ा जब अतलेटिको को दो पेनल्टी नहीं मिलीं-एक में ग्यूलियानो सिमेओने को बॉक्स में गिराया गया था लेकिन रेफरी ने VAR के बाद भी पेनल्टी नहीं दी और दूसरी स्थिति में ग्रिएजमैन पर फाउल को उल्टा अतलेटिको के खिलाफ माना गया।

इसके बावजूद हार के बाद भी अतलेटिको मैड्रिड की ओर से किसी प्रकार की नाराजगी या विरोध नहीं दिखाया गया जिससे एक बार फिर यह संदेश गया कि फुटबॉल केवल जीत-हार नहीं बल्कि सम्मान और खेल भावना का भी नाम है।

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