जयपुरः ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की पहली वर्षगांठ पर भारत के पूर्व सैन्य संचालन महानिदेशक राजीव घई (Rajiv Ghai) ने पाकिस्तान पर तीखा कटाक्ष किया। जयपुर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को “नैरेटिव बनाने” की बजाय अपनी युद्ध क्षमता मजबूत करने पर ध्यान देना चाहिए। उनका कहना था कि अगर पाकिस्तान अपनी ऊर्जा और संसाधन प्रचार तंत्र के बजाय सैन्य तैयारी पर खर्च करता, तो शायद उसे इतनी बड़ी क्षति नहीं उठानी पड़ती।
राजीव घई ने कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान पाकिस्तान को नियंत्रण रेखा पर भारी नुकसान हुआ था। उन्होंने दावा किया कि इंटरनेट पर सामने आई सम्मान और पुरस्कार सूची से यह संकेत मिला कि पाकिस्तान की ओर से बड़ी संख्या में सैनिक मारे गए, क्योंकि कई पुरस्कार मरणोपरांत दिए गए थे। उनके अनुसार, सीमा पर हुई जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तान के 100 से ज्यादा सैनिक मारे गए थे।
उन्होंने यह भी कहा कि भारत की कार्रवाई में पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर में मौजूद नौ बड़े आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया, जहां 100 से अधिक आतंकवादी मारे गए। ये ठिकाने लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और हिजबुल मुजाहिदीन जैसे संगठनों से जुड़े थे।
गौरतलब है कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की शुरुआत 7 मई 2025 को पहलगाम आतंकी हमले के बाद की गई थी। इस हमले में 26 लोगों की जान गई थी। इसके जवाब में भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान और पीओके में मौजूद आतंकी लॉन्चपैड्स पर सटीक सैन्य कार्रवाई की थी।
भारत की कार्रवाई के बाद पाकिस्तान की ओर से ड्रोन हमले और गोलाबारी की गई, जिसके चलते दोनों देशों के बीच चार दिन तक सैन्य तनाव बना रहा। इस दौरान भारत ने जवाबी कार्रवाई करते हुए लाहौर और गुजरांवाला के पास मौजूद रडार ठिकानों को भी निशाना बनाया।
राजीव घई ने कहा कि भारतीय सेना की जवाबी क्षमता और रणनीतिक तैयारी ने इस पूरे अभियान में निर्णायक भूमिका निभाई। अंततः भारी नुकसान के बाद पाकिस्तान के DGMO ने भारतीय DGMO से संपर्क किया और 10 मई 2025 को दोनों देशों के बीच युद्धविराम पर सहमति बनी।