जिनेवा : विश्व स्वास्थ्य संगठन ने बुधवार को बताया कि एटलांटिक महासागर में चल रहे एमवी हॉन्डियस नामक इस भव्य क्रूज जहाज पर हंटावायरस से संक्रमित लोगों की संख्या बढ़कर आठ हो गई है। संक्रमितों में पहले ही तीन लोगों की मृत्यु हो चुकी है जिनमें एक डच दंपत्ति शामिल था। अब तक माना जा रहा था कि यह संक्रमण चूहों जैसे किसी जानवर से अप्रत्यक्ष रूप से फैल रहा था। इस मामले में यह सोचा गया था कि क्रूज पर रखे भोजन-जल में चूहों या अन्य कृंतकों के मूत्र, मल या लार से यह वायरस मानव शरीर में प्रवेश कर रहा है।
हालांकि WHO ने अब स्पष्ट किया है कि क्रूज जहाज पर यह संक्रमण मनुष्य से मनुष्य तक भी फैलने लगा हो सकता है। जहाज की यात्रा अर्जेंटीना से शुरू हुई थी और वर्तमान में यह पश्चिम अफ्रीका की ओर जा रहा है। संक्रमण पर काबू पाने के लिए WHO ने संपर्क ट्रेसिंग की सलाह दी है।
WHO के महामारी नियंत्रण विभाग की निदेशक मारिया वैन कारखोव ने कहा क्रूज के भीतर संक्रमित व्यक्ति स्वाभाविक रूप से एक-दूसरे के बहुत करीब थे। इसलिए हम मनुष्य से मनुष्य संचरण की संभावना को नजरअंदाज नहीं कर रहे हैं। हालांकि उनका यह भी कहना है कि हंटावायरस कोरोना या फ्लू की तरह तेजी से नहीं फैलता।
हंटावायरस के शुरुआती लक्षण अक्सर फ्लू जैसे होते हैं। प्रारंभिक चरण में कई लोग इसे इन्फ्लूएंजा या सामान्य बुखार समझ लेते हैं। मांसपेशियों में दर्द, सिरदर्द, जल्दी थकान, उल्टी जैसी समस्याएँ दिखाई देती हैं। इसके साथ ही श्वसन संबंधी समस्या और फेफड़ों की जटिलताएँ भी हो सकती है जिसे हंटावायरस पल्मोनरी सिंड्रोम कहा जाता है।
चिकित्सकों का कहना है कि यह रोग दुर्लभ है लेकिन अत्यंत गंभीर है। COVID-19 की तुलना में हंटावायरस पल्मोनरी सिंड्रोम में मृत्यु दर अधिक है और चिंता की बात यह है कि COVID की तरह इसका कोई निश्चित इलाज या दवा नहीं है। वैक्सीन भी उपलब्ध नहीं है। संक्रमित होने पर केवल ऑक्सीजन सपोर्ट ही सहारा है।
क्रूज एमवी हॉन्डियस में यात्रियों और क्रू मिलाकर लगभग 200 से अधिक लोग थे। स्थिति पर निगरानी रखने और संक्रमण फैलने से रोकने के लिए सख्त निगरानी और नियमित जांच जारी है। फिलहाल जहाज को स्थगित कर दिया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि हंटावायरस संक्रमण केवल क्रूज के अंदर ही सीमित रह सकता है और बाहरी फैलाव न हो।