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कराहने और कुछ अस्पष्ट आवाज के बाद लंबी खामोशी...चंद्रनाथ रथ के साथ आखिरी फोन कॉल के बारे में शंकर घोष ने क्या बताया?

फोन पर मौजूद भाजपा के विजयी प्रत्याशी शंकर घोष ने शायद यह सोचा भी नहीं था कि यह गोलियों की तड़तड़ाहट है। कुछ देर कराहना और अस्पष्ट बातें और फिर एक लंबी खामोशी।

By Moumita Bhattacharya

May 07, 2026 15:01 IST

बंगाल में भाजपा की पहली सरकार का शपथ ग्रहण समारोह शनिवार को आयोजित होगा। 9 मई को आयोजित होने वाले इस शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी आने वाले हैं। इस बारे में ही फोन पर चर्चाएं चल रही थी कि तभी...!

फोन पर कराहने की आवाज सुनाई दी। फोन पर मौजूद भाजपा के विजयी प्रत्याशी शंकर घोष ने शायद यह सोचा भी नहीं था कि यह गोलियों की तड़तड़ाहट है। कुछ देर कराहना और अस्पष्ट बातें और फिर एक लंबी खामोशी। शंकर घोष कुछ यूं नंदीग्राम और भवानीपुर से विजेता भाजपा प्रत्याशी शुभेंदु अधिकारी के सहायक चंद्रनाथ रथ के साथ अपनी आखिरी बातचीत को बयां कर रहे हैं।

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मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि बुधवार की रात को 10 बजे उल्टाडांगा से वापस लौटते समय वह फोन पर शुभेंदु अधिकारी के सहायक चंद्रनाथ रथ से बात कर रहे थे। बात करते-करते अचानक चंद्रनाथ रथ की आवाज बदल गयी। गोलियों की आवाजें भी सुनाई देने लगी।

शंकर जोर से चीख-चीख कर पुकार रहे थे लेकिन फोन पर किसी ने कोई जवाब नहीं दिया। चिंतित शंकर घोष ने मैसेज भी किया, 'क्या हुआ, ठीक है न?' लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। दोबारा कॉल करने पर एक अपरिचित व्यक्ति ने शंकर घोष को बताया कि उनके दोस्त को गोली मारी गयी है।

यह सुनते ही शंकर घोष स्तब्ध हो गए। तुरंत उन्होंने शुभेंदु अधिकारी को खबर भेजा और खुद मध्यमग्राम के निजी अस्पताल की तरफ गए। रात के 2 बजे अस्पताल के वेटिंग लाउंज में चेहरे पर शून्यता लिए बैठे शंकर घोष को देखकर कोई भी समझ सकता था कि उस समय उनके मन में क्या तूफान मचा हुआ है।

भाजपा का दावा है कि यह पूरी घटना योजनाबद्ध थी। मध्यमग्राम में अपने फ्लैट पर वापस लौटते समय विधानसभा के सरकारी गाड़ी को रोककर चंद्रनाथ रथ पर अपराधियों ने गोली चलायी। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उनके ड्राइवर ने साहस का परिचय तो दिया लेकिन चंद्रनाथ रथ को नहीं बचाया जा सका।

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