भुवनेश्वरः ओडिशा के भद्रक जिले में गुरुवार को एक 19 साल का NEET कैंडिडेट अपने घर में लटका हुआ मिला। उसके परिवार ने आरोप लगाया कि लड़के ने इसलिए जान दे दी क्योंकि उसे डर था कि वह 3 मई को दिये गये एग्जाम में पास नहीं कर पाएगा। पुलिस ने बताया कि मरने वाले की पहचान ज्योति प्रकाश बारिक के तौर पर हुई है, जो तिहिडी ब्लॉक के नुंडा गांव का रहने वाला था।
पुलिस के मुताबिक, भद्रक टाउन पुलिस स्टेशन एरिया में किराए के मकान की छत से उसका लटका हुआ शव मिला। पुलिस ने बताया कि उसे भद्रक डिस्ट्रिक्ट हेडक्वार्टर हॉस्पिटल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
भद्रक टाउन पुलिस ने अप्राकृतिक मौत का केस दर्ज करके मामले की जांच शुरू कर दी है, लेकिन उसके परिवार वालों ने कहा कि रविवार को एग्जाम देने के बाद से वह बहुत ज्यादा मानसिक तनाव में था। ज्योति प्रकाश पिछले साल NEET एग्जाम पास नहीं कर पाया था और उसे इस बार एग्जाम पास करने की उम्मीद थी।
नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET-UG) एक नेशनल लेवल का एंट्रेंस एग्जाम है, जो MBBS, BDS, AYUSH और BSc नर्सिंग जैसे अंडरग्रेजुएट मेडिकल कोर्स के लिए हर साल होता है।
परिवार वालों ने दावा किया कि उसके पिता गुजारा करने के लिए चाय की दुकान चलाते थे और उन्होंने अपने बेटे की कोचिंग पर करीब 3 लाख रुपये खर्च किए। उसके पिता ने कहा, "एक और फेल होने के डर से, उसने शायद सुसाइड कर लिया होगा।"