🔔 ताज़ा ख़बरें सबसे पहले!

Samachar EiSamay की ब्रेकिंग न्यूज़, राजनीति, खेल, मनोरंजन और बिज़नेस अपडेट अब सीधे आपके पास।

इरान-अमेरिका वार्ता में पेजेशकियन का अमेरिका पर “पीठ में छुरा घोंपने” का आरोप

फ्रांस और यूके वाणिज्यिक नौवहन में विश्वास बहाल करने की कोशिश

By प्रियंका महतो

May 07, 2026 18:09 IST

तेहरान : ईरानी राष्ट्रपति मासूद पेजेशकियन ने फ्रांस के राष्ट्रपति एमैनुएल मैक्रो के साथ हुई टेलीफोन वार्ता में कहा कि तेहरान के साथ अमेरिका का व्यवहार “पीठ में छुरा घोंपने” के समान है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब हर्मुज जलडमरूमध्य और क्षेत्रीय संघर्ष को लेकर तनाव बढ़ा हुआ है। ईरानी राष्ट्रपति कार्यालय की वेबसाइट पर बुधवार को प्रकाशित बयान के अनुसार, पेजेशकियन ने कहा कि अमेरिका का यह व्यवहार "कूटनीति की राह को धमकियों, दबाव और प्रतिबंधों की ओर मोड़ रहा है और उन्होंने कहा कि तेहरान अब वॉशिंगटन पर भरोसा नहीं करता।

पेजेशकियन ने कहा हमने अमेरिका के साथ दो बार संवाद स्थापित किया और दोनों अवसरों पर बातचीत के साथ-साथ ईरान के खिलाफ सैन्य आक्रामकता भी देखी गई। ऐसा व्यवहार वास्तव में 'पीठ में छुरा घोंपने' के समान है। उन्होंने यह भी जोर दिया कि सार्थक वार्ता तभी संभव है जब शत्रुतापूर्ण कार्यों का अंत हो और यह आश्वासन दिया जाए कि ईरान के खिलाफ दुश्मन कार्रवाई दोबारा नहीं होगी। पेज़ेशकियन ने संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) पर ईरानी सैन्य कार्रवाई के आरोपों को भी खारिज किया और कहा कि ईरानी सशस्त्र बल किसी भी सैन्य कार्रवाई के दौरान अपने कदम सार्वजनिक रूप से घोषित करते हैं।

हर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति पर बोलते हुए पेज़ेशकियन ने कहा कि ईरान ने ऐतिहासिक रूप से इस जलमार्ग की सुरक्षा सुनिश्चित की है लेकिन हालिया अमेरिकी कदमो जिसमें नौसैनिक नाकाबंदी शामिल है ने क्षेत्र को अस्थिर कर दिया है। हर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह खोलने से संबंधित किसी भी वार्ता के लिए अमेरिका द्वारा लगाए गए नौसैनिक नाकाबंदी को हटाना आवश्यक है उन्होंने कहा दूसरी ओर फ्रांस के राष्ट्रपति एमैनुएल मैक्रो ने कहा कि उन्होंने सीधे ईरानी राष्ट्रपति से बात की और खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव को लेकर चिंता व्यक्त की।

मैक्रो ने X पर लिखा मैंने अभी ईरानी राष्ट्रपति मासूद पेजेशकियन से मुलाकात की। मैंने लगतार बढ़के हुए तनाव को लेकर अपनी गहरी चिंता व्यक्त की और अमीराती नागरिक ढांचे और कई जहाजों पर हुए अकारण हमलों की निंदा की। मैक्रो ने हर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री मार्गों को तुरंत खोलने का आग्रह किया। सभी पक्षों को बिना किसी देरी और शर्त के जलडमरूमध्य की नाकाबंदी हटानी होगी। हमें उस पूर्ण स्वतंत्र नौवहन प्रणाली की ओर लौटना होगा जो संघर्ष से पहले प्रचलित थी फ्रांसीसी राष्ट्रपति ने कहा।

उन्होंने फ्रांस और यूनाइटेड किंगडम (यूके) द्वारा शुरू की गई संयुक्त समुद्री पहल का भी उल्लेख किया जिसका उद्देश्य वाणिज्यिक जहाज मालिकों और बीमाकर्ताओं के बीच भरोसा बहाल करना है। फ्रांस और यूके द्वारा स्थापित बहुराष्ट्रीय मिशन जहाज मालिकों और बीमाकर्ताओं के बीच भरोसा बहाल करने में मदद कर सकता है। यह स्वभाव से ही युद्धरत पक्षों से अलग होगा मैक्रो ने कहा।

मैक्रो ने कहा कि फ्रांसीसी विमानवाहक पोत चार्ल्स डी गॉल की तैनाती भी इसी प्रयास का हिस्सा है। विमानवाहक पोत चार्ल्स डी गॉल की पूर्व स्थिति इसी संदर्भ में फिट बैठती है उन्होंने आगे कहा कि वह इस मुद्दे को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के साथ भी उठाने का इरादा रखते है और ईरान से यूरोपीय पहल में शामिल होने का आग्रह किया।

मैंने ईरानी राष्ट्रपति को इस अवसर का लाभ उठाने के लिए आमंत्रित किया है और मैं इस मुद्दे पर राष्ट्रपति ट्रम्प के साथ चर्चा करने का इरादा रखता हू उन्होंने कहा मैक्रो के अनुसार हर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव कम होने से व्यापक कूटनीतिक वार्ता को गति मिल सकती है। जलमार्ग में शांति लौटने से परमाणु मुद्दे, बैलिस्टिक मुद्दे और क्षेत्रीय स्थिति पर वार्ता को बढ़ावा मिलेगाऔर उन्होंने कहा यूरोपीय देश जिनके ऊपर प्रतिबंध हटाने का जिम्मा है इस प्रक्रिया में भाग लेंगे।

Articles you may like: