जयपुर : लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने आसिम मुनीर की पदोन्नति को लेकर पाकिस्तान पर तीखा कटाक्ष किया है। जयपुर में समाचार एजेंसी ANI से बातचीत के दौरान पूर्व महानिदेशक सैन्य संचालन (DGMO) राजीव घई ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान के शीर्ष सैन्य अधिकारियों द्वारा खुद को बढ़ावा देने की प्रक्रिया को भारत ने कुछ हद तक मनोरंजन की तरह देखा है।
जब उनसे पाकिस्तान के फील्ड मार्शल आसिम मुनीर द्वारा ऑपरेशन के बाद स्वयं को उच्च पद पर पहुंचाने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने हल्के व्यंग्य के साथ कहा कि मैं क्या कहूं? हमने इस पूरी प्रक्रिया को कुछ प्रकार के मनोरंजन की तरह देखा है।
भारत की सैन्य नेतृत्व व्यवस्था का मानना है कि पाकिस्तान जिस तरह इस अभियान को बड़ी सामरिक सफलता के रूप में पेश करने की कोशिश कर रहा है वह वास्तविक सैन्य क्षमता से अधिक एक प्रतीकात्मक प्रदर्शन है। भारतीय सेना के अनुसार पाकिस्तान में इस प्रकार की आंतरिक पदोन्नतियां 'दिखावटी रणनीति" अधिक हैं न कि युद्ध क्षमता में किसी वास्तविक बदलाव का संकेत।
मई 2025 में पाकिस्तान की संघीय कैबिनेट ने सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर को फील्ड मार्शल के पद पर पदोन्नत करने को मंजूरी दी थी। इसे व्यापक रूप से हालिया सैन्य और रणनीतिक विफलताओं को छिपाने की कोशिश के रूप में देखा गया। पाकिस्तान सरकार ने दावा किया कि ऑपरेशन बुनयानुम मरसूस और भारत के साथ संघर्ष के दौरान उनके नेतृत्व के कारण यह सम्मान दिया गया। पाकिस्तान के अखबार ‘डॉन’ ने भी इस फैसले को प्रमुखता से प्रकाशित किया था।
हालांकि भारतीय पक्ष का मानना है कि भारी नुकसान के बावजूद पाकिस्तान सरकार इस पूरे घटनाक्रम को 'ऐतिहासिक विजय' के रूप में प्रस्तुत करने की कोशिश कर रही है और जनरल मुनीर के नेतृत्व की सार्वजनिक सराहना कर रही है।
लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने पाकिस्तान पर एक और टिप्पणी करते हुए कहा कि उसे कथानक गढ़ने के बजाय अपनी सैन्य संचालन क्षमता को मजबूत करने पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि पाकिस्तान युद्ध तैयारी और लड़ाकू क्षमता पर बेहतर निवेश करे तो उसके परिणाम अधिक प्रभावी हो सकते हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान को भारी नुकसान उठाना पड़ा। यह अभियान पहलगाम आतंकी हमले के बाद शुरू किया गया था जिसमें 26 लोगों की मौत हुई थी। राजीव घई के अनुसार उपलब्ध जानकारी और सम्मान सूची से संकेत मिलता है कि पाकिस्तान की ओर बड़े पैमाने पर हताहत हुए जिनमें नौ आतंकी शिविरों में 100 से अधिक आतंकवादियों के मारे जाने की बात शामिल है।
7 मई 2025 को शुरू किए गए ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर में स्थित नौ बड़े आतंकी लॉन्चपैड नष्ट किए थे। इन ठिकानों में लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और हिजबुल मुजाहिदीन से जुड़े ठिकाने शामिल थे। भारतीय सशस्त्र बलों ने कारवाई में 100 से अधिक आतंकवादियों को मार गिराने का दावा किया था।
इसके जवाब में पाकिस्तान ने ड्रोन हमले और गोलाबारी की जिसके कारण दोनों देशों के बीच चार दिन तक संघर्ष चला। भारतीय सेना ने जवाबी कारवाई करते हुए लाहौर में रडार प्रतिष्ठानों और गुजरांवाला के पास स्थित रडार सुविधाओं को नष्ट कर दिया।
भारी नुकसान के बाद पाकिस्तान के महानिदेशक सैन्य संचालन ने भारतीय DGMO से संपर्क किया और 10 मई को युद्धविराम पर सहमति बनी जिसके साथ दोनों देशों के बीच यह सैन्य टकराव समाप्त हुआ।