नई दिल्लीः दिल्ली में चुनाव आयोग ने गुरुवार को बताया कि हाल ही में पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के दौरान कुल ₹1,445 करोड़ मूल्य की नकदी, शराब, ड्रग्स और अन्य प्रलोभन सामग्री जब्त की गई है। यह कार्रवाई मतदाताओं को प्रभावित करने के प्रयासों को रोकने के लिए की गई सख्ती का हिस्सा है।
इन राज्यों में पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी शामिल हैं। आयोग के अनुसार, यह आंकड़ा 2021 के विधानसभा चुनावों की तुलना में 40.14 प्रतिशत अधिक है, जब कुल जब्ती ₹1,029.93 करोड़ थी। राज्यों के स्तर पर देखें तो पश्चिम बंगाल में जब्ती में सबसे अधिक 68.92 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि तमिलनाडु में 48.40 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।
चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, करीब ₹155 करोड़ नकदी बरामद की गई, जबकि लगभग 70 लाख लीटर शराब जब्त की गई, जिसकी कीमत ₹183.33 करोड़ आंकी गई है। इसके अलावा कीमती धातुएं और अन्य सामग्री भी पकड़ी गई। सबसे बड़ा आंकड़ा ड्रग्स की जब्ती का रहा, जो लगभग ₹3,338 करोड़ तक पहुंचा। इसमें पश्चिम बंगाल में सबसे अधिक ₹30.28 करोड़ की ड्रग्स बरामद हुई, जबकि पुडुचेरी में कोई ड्रग्स जब्ती दर्ज नहीं की गई।
चुनावों को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण बनाने के लिए आयोग ने 376 एक्सपेंडिचर ऑब्जर्वर, 7,470 फ्लाइंग स्क्वाड टीम और 7,470 स्टैटिक सर्विलांस टीम तैनात की थीं। इन टीमों का उद्देश्य किसी भी प्रकार की गड़बड़ी, प्रलोभन या हिंसा को रोकना था।
इसके अलावा, चुनाव आयोग ने ‘इलेक्शन सीजर मैनेजमेंट सिस्टम (ESMS)’ नामक डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग किया, जिससे एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय और त्वरित कार्रवाई संभव हो सकी। यह चुनाव अप्रैल में संपन्न हुए थे और मतगणना 4 मई को की गई थी।