मुंबई : देश के शेयर बाजार में गुरुवार को पूरे दिन उतार-चढ़ाव का माहौल बना रहा। शुरुआती कारोबार में बढ़त के साथ खुलने के बावजूद दिन के अंत में दोनों प्रमुख सूचकांक गिरावट के साथ बंद हुए। कारोबार के दौरान सेंसेक्स और निफ्टी-50 लगातार ऊपर-नीचे होते रहे जिससे निवेशकों में असमंजस की स्थिति बनी रही।
BSE Sensex में 0.14 प्रतिशत यानी 114 अंकों की गिरावट दर्ज की गई। इसके बाद बंबई शेयर बाजार का यह प्रमुख सूचकांक 77 हजार 844 अंकों पर बंद हुआ। वहीं NIFTY 50 में 4 अंकों यानी 0.02 प्रतिशत की मामूली कमजोरी आई और यह 24 हजार 326 अंकों पर बंद हुआ।
हालांकि बड़े सूचकांकों में गिरावट रही लेकिन मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में मजबूती देखने को मिली। निफ्टी मिडकैप 100 सूचकांक में 1.10 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप 100 सूचकांक में 0.87 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई।
सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो बाजार में मिला-जुला रुख देखने को मिला। सूचना प्रौद्योगिकी, एफएमसीजी, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक तथा तेल एवं गैस क्षेत्र से जुड़े सूचकांकों में गिरावट रही। दूसरी ओर रक्षा, ऑटोमोबाइल, पूंजी बाजार, ऊर्जा और रियल एस्टेट सेक्टर के शेयरों में तेजी दर्ज की गई।
बाजार की इस चाल पर विनोद नायर ने कहा कि भारतीय शेयर बाजार दिनभर लाभ और नुकसान के बीच झूलता रहा। वैश्विक बाजारों में मिश्रित संकेत और रुपये की मजबूती के बावजूद बाजार दबाव में रहा। उन्होंने यह भी कहा कि बड़े शेयरों की तुलना में मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों का प्रदर्शन बेहतर रहा।
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