व्यक्तिगत कारणों का हवाला देते हुए SIR के एपिलेट ट्रिब्यूनल से अवकासप्राप्त मुख्य न्यायाधीश टीएस शिवज्ञानम ने खुद को अलग कर लिया है। उन्होंने अपना फैसला चुनाव आयोग को बता दिया है।
SIR की प्रक्रिया के दौरान सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर कलकत्ता हाई कोर्ट ने तीन न्यायाधीशों की कमेटी का गठन किया गया था। विचाराधीन सूची से हटाए गये 27 लाख नागरिकों के दस्तावेजों को ट्रिब्यूनल कैसे विश्लेषण करेगा, उसका SOP (स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रॉसिड्योर) बनाने के लिए ही इस कमेटी का गठन किया गया था।
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इस कमेटी में ही कलकत्ता हाई कोर्ट के अवकाशप्राप्त मुख्य न्यायाधीश टीएस शिवज्ञानम भी शामिल हैं। इस बीच ट्रिब्यूनल के दस्तावेजों की जांच के बाद दो सूचियों को भी जारी कर दी गयी है। हालांकि दस्तावेजों की जांच की प्रक्रिया अभी तक खत्म नहीं हुई है। इस बीच ही अवकासप्राप्त मुख्य न्यायाधीश टीएस शिवज्ञानम ने ट्रिब्यूनल से खुद को अलग कर लिया है।